Bihar Politics: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए डीजल चोरी और छावनी ओवरब्रिज के एलाइनमेंट बदलवाने के आरोपों पर पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने साक्ष्यों के साथ जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि प्रशांत किशोर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ 132.24 करोड़ की मानहानि का मुकदमा किया जाएगा।
सांसद संजय जायसवाल ने रेलवे और एनएचएआई से प्राप्त सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त रिपोर्टें प्रस्तुत कीं। उन्होंने बताया कि दोनों विभागों ने स्पष्ट किया है कि छावनी ओवरब्रिज का एलाइनमेंट बदला ही नहीं गया है और न ही राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वरूप में कोई बदलाव किया गया है।
सांसद ने कहा कि प्रशांत किशोर ने नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया के पत्र के आधार पर उन पर डीजल चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि प्रशांत किशोर ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित पेट्रोल पंप उनका नहीं है, फिर भी आरोप लगाए गए।
इस मामले की जांच के लिए नगर विकास विभाग, पटना के तत्कालीन अधिकारी ने आठ बिंदुओं पर जांच की थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पेट्रोल पंप से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया, जिसमें 15 वाहनों के डीजल बिल में जीएसटी का उल्लेख नहीं पाया गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने सवाल उठाया कि देशभर में डीजल और पेट्रोल जीएसटी के दायरे में ही नहीं आते, तो फिर अधिकारी ने किस आधार पर यह टिप्पणी की। उन्होंने जांच अधिकारी की योग्यता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह रिपोर्ट किसी साजिश के तहत तैयार की गई है, जिसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
सांसद जायसवाल ने यह भी जानकारी दी कि प्रशांत किशोर के खिलाफ एक आपराधिक मामला पहले ही कोर्ट में दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने दोहराया कि यदि प्रशांत किशोर अपने आरोपों के लिए माफी नहीं मांगते, तो उन्हें कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।



