Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आऱजेडी विधायक रीतलाल यादव को पटना हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने चर्चित सत्यनारायण सिन्हा हत्याकांड में उन्हें निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही, इस मामले में दोबारा सुनवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।
दरअसल, इस हत्याकांड की सुनवाई साल 2023 में स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई थी, जिसमें रीतलाल यादव और अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। यह मामला पटना हाईकोर्ट के आदेश पर स्पीडी ट्रायल के तहत चला था।
यह हत्याकांड दानापुर की पूर्व बीजेपी विधायक आशा सिन्हा उर्फ आशा देवी के पति सत्यनारायण सिन्हा की हत्या से जुड़ा है। हत्या के बाद निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आशा सिन्हा ने पटना हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। फरवरी 2025 में इस मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया था।
30 अप्रैल 2003 से को जब राजद द्वारा पटना के गांधी मैदान में 'तेल पिलावन, लाठी घुमावन' रैली का आयोजन किया गया था। उसी दिन, खगौल के जमालुद्दीन चक के पास सत्यनारायण सिन्हा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के मामले में रीतलाल यादव का नाम सामने आया था और उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया था।

