1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 09, 2026, 12:29:02 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI
Bihar MSME Policy 2026: बिहार का भागलपुर जिला पूर्वी भारत का इंडस्ट्रियल हब बनने जा रहा है। ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ईबिया) ने बिहार सरकार की ड्राफ्ट एमएसएमई नीति-2026 का स्वागत करते हुए इसे राज्य में औद्योगिक विकास और उद्यमिता को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल बताया है।
एसोसिएशन का कहना है कि इस नीति में भागलपुर को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे यह क्षेत्र बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी स्थान हासिल कर सकता है। ईबिया के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित नीति के तहत भागलपुर में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी एवं एक्सटेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और उद्यमिता विकास का प्रमुख संस्थान बनेगा।
उन्होंने कहा कि भागलपुरी सिल्क को पारंपरिक उद्योगों के अंतर्गत विशेष पहचान दी गई है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और सिल्क क्लस्टर के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा भागलपुर के मक्का, लीची और शहद को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों और उद्यमियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
आलोक अग्रवाल ने कहा कि पिछड़े जिलों में निवेश करने वाले उद्यमों के लिए अतिरिक्त पांच प्रतिशत पूंजी सब्सिडी का प्रावधान भागलपुर के उद्योगों के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। साथ ही, नीति में एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें भागलपुर का रेशम, कृषि और सेवा क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ईबिया के महासचिव अमर्त्य बंधुल ने सरकार से भागलपुर में सिल्क एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कृषि-प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन लैब विकसित करने, गंगा नदी और रेलवे नेटवर्क का बेहतर उपयोग कर भागलपुर को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने तथा तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में उद्यमिता सेल स्थापित कर छात्रों को उद्योगों से जोड़ने का सुझाव दिया।