Bihar Politics: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जेडीयू ने तीखा पलटवार किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने रविवार को तेजस्वी यादव पर न सिर्फ राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत हमले भी किए। नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव को न तो अर्थशास्त्र की समझ है और न ही योजनाओं की समीक्षा का अधिकार। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पब्लिक डोमेन में बोलने से पहले कुछ पढ़ लीजिए, नहीं तो राजनीतिक एक्सीडेंट हो जाएगा।
नीरज ने तेजस्वी के उस दावे को गलत बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार का कमिटेड एक्सपेंडिचर दो लाख करोड़ रुपये है। नीरज ने स्पष्ट किया कि बिहार का कमिटेड एक्सपेंडिचर मात्र 1.08 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी तो वित्त मंत्री सिद्दीकी को देनी चाहिए थी, लेकिन तेजस्वी यादव अल्पसंख्यक समाज के नेता की भूमिका भी खुद निभाना चाहते हैं।
उन्होंने सवाल किया कि अगर पीएम और सीएम ने 7 लाख 8 हजार करोड़ की योजनाओं की घोषणा की है, तो तेजस्वी ने इस आंकड़े का आकलन कैसे किया? बिहार की जीडीपी 10 लाख करोड़ की है, और जनहित की योजनाएं राज्य की वित्तीय क्षमता और केंद्र सरकार के संसाधनों से निर्धारित होती हैं, न कि किसी के अनुमान से।
तेजस्वी यादव द्वारा नीतीश सरकार पर नकल करने के आरोप पर नीरज कुमार ने कहा कि 420 आदमी की नकल कौन करेगा? उनका इशारा तेजस्वी और उनके परिवार की कथित कानूनी मामलों की ओर था। जब अदालत में भ्रष्टाचार के मामलों में पेशी के दौरान तेजस्वी यादव का नाम पुकारा जाता है, तो बिहार शर्मसार होता है। ऐसे नेता को राज्य की व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
नीरज कुमार ने तेजस्वी और उनके पिता लालू प्रसाद यादव पर जननायक कर्पूरी ठाकुर का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इनका असली विजन छह बीघा जमीन पटना में और पूरे बिहार में संपत्ति हासिल करना है, न कि राज्य का विकास करना।
नीरज ने आरोप लगाया कि लालू यादव ने कर्पूरी ठाकुर को उस वक्त अपमानित किया था जब उन्होंने सदन में आने के लिए गाड़ी भेजने की मांग की थी, और उन्हें जीप के बजाय रिक्शे से आने को कहा गया था। वहीं, आज यही लोग उन्हें भारत रत्न दिलवाने का श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे खाते में जननायक का सम्मान है, और इनके खाते में अपमान। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को जननायक बताकर ये लोग कर्पूरी ठाकुर का अपमान कर रहे हैं।






