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Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका, जन सुराज पार्टी में शामिल हुए यह पूर्व विधायक; चार बार रह चुके हैं MLA

Bihar Politics: अररिया के वरिष्ठ नेता और चार बार के विधायक जनार्दन यादव ने बीजेपी छोड़कर प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान का दामन थाम लिया है। उन्होंने पार्टी में उपेक्षा का आरोप लगाया और बिहार की राजनीति को नई दिशा देने की इच्छा जताई।

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Mukesh Srivastava
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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। अररिया जिले के वरिष्ठ नेता और चार बार के विधायक रहे जनार्दन यादव ने बीजेपी से नाता तोड़ते हुए प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाले जन सुराज अभियान का दामन थाम लिया है। प्रशांत किशोर ने उन्हें औपचारिक रूप से संगठन की सदस्यता दिलाई।


जनार्दन यादव का राजनीतिक जीवन जेपी आंदोलन से शुरू हुआ था। छात्र राजनीति से ही उन्होंने सक्रियता दिखाई और धीरे-धीरे बीजेपी के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। अररिया की राजनीति में उनका वर्षों तक प्रभाव रहा है। चार बार विधायक बनने वाले जनार्दन यादव 2015 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही वे पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे थे। 


उन्होंने बीजेपी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और संगठन में सक्रिय भूमिका के बावजूद कोई अवसर नहीं मिला। अपने जनाधार और अनुभव के बावजूद उन्हें हाशिए पर रखा गया, जिससे वे आहत थे। जन सुराज अभियान में शामिल होते हुए जनार्दन यादव ने कहा कि वे प्रशांत किशोर की सोच और दृष्टिकोण से प्रभावित हैं। 


उन्होंने माना कि बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देने का प्रयास प्रशांत किशोर कर रहे हैं और वे इस परिवर्तन यात्रा का हिस्सा बनकर राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं। प्रशांत किशोर ने भी यादव का स्वागत करते हुए कहा कि जन सुराज में वरिष्ठ नेताओं के जुड़ने से आंदोलन को और मजबूती मिलेगी। जनार्दन यादव का बीजेपी छोड़ना अररिया और सीमांचल क्षेत्र में एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। 

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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