Bihar Politics: पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह की बीजेपी में वापसी हो गई है हालांकि इसका औपचारिक एलान आगामी 5 अक्टूबर को होगा। उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात के बाद पवन सिंह ने गृहमंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद ऐसा माना जा रहा है कि शाहाबाद में बड़ा सियासी खेल होने जा रहा है।
दरअसल, साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में पवन सिंह बिहार के आरा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल से पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया था। इससे नाराज होकर पवन सिंह ने बीजेपी का टिकट वापस कर दिया और काराकाट संसदीय सीट से उपेन्द्र कुशवाहा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे थे हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
इस सीट से चुनाव लड़ रहे उपेंद्र कुशवाहा भी चुनाव हार गए थे और सीपीआई के राजा राम सिंह चुनाव जीत गए थे। ऐसे में एनडीए को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। लोकसभा चुनाव में काराकाट में हुए नुकसान की भरपाई बीजेपी बिहार विधानसभा चुनाव में करना चाहती है। यही वजह है कि जिस उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ पवन सिंह ने लोकसभा का चुनाव लड़ा, बीजेपी ने उनके जरिए ही पवन सिंह को पार्टी में वापसी करा दी।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर कुशवाहा और पवन सिंह की मीटिंग कराई गई। दिल्ली में उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर हुई इस बैठक में बीजेपी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और बीजेपी के महामंत्री ऋतुराज सिन्हा भी मौजूद रहे। बैठक के बाद विनोद तावड़े ने कहा कि पवन सिंह भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। वे एक कार्यकर्ता के रूप में एनडीए को मज़बूत करने का काम करेंगे।
इस बीच पवन सिंह के आरा या किसी अन्य सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें भी तेज़ हो गई हैं। बीजेपी में वापसी के बाद पवन सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि पवन सिंह की बीजेपी में वापसी के बाद शाहाबाद में सियासी समीकरण बदल सकते हैं और विधानसभा चुनाव में एनडीए को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।




