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Bihar Politics: BJP-JDU की टेंशन बढाने की तैयारी में मांझी-कुशवाहा, सुबह-सुबह मिलकर तय कर ली रणनीति

Bihar Politics: बिहार में एनडीए की सियासत गरमाती दिख रही है। जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात ने बीजेपी-जेडीयू की टेंशन बढ़ा दी है। दोनों नेताओं ने सीट शेयरिंग और चिराग पासवान की रणनीति को लेकर विचार किया।

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Mukesh Srivastava
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Bihar Politics: बिहार के राजनीतिक गलियारे से बडी खबर निकलकर आ रही है. सुबह सुबह हम पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने मुलाकात की है. माना जा रहा है कि ये मुलाकात एनडीए में सीट शेयरिंग में अपनी हिस्सेदारी और चुनावी रणनीति तय करने को लेकर हुई है. हलांकि पार्टी की ओर से इस मुलाकात को औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है.


सुबह सुबह मांझी से मिले कुशवाहा

जीतन राम मांझी और उपेन्द्र कुशवाहा में सुबह सुबह मुलाकात हुई है. चुनावी सरगर्मी के बीच ये मुलाकात एनडीए के लहजे से अहम मानी जा रही है. ये मुलाकात इसलिए भी खास हो गई है क्योंकि उपेन्द्र कुशवाहा ने जीतन राम मांझी से मुलाकात की है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उपेन्द्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार को जेडीयू की कमान बेटे निशांत को सौपने को सलाह दे डाली थी. इतना ही नहीं उपेन्द्र कुशवाहा ने ये भी कहा था कि उनके कार्यकर्ता नीतीश सरकार की शिकायतें लेकर उनके पास आ रहे . लेकिन बिहार के लोगों को एनडीए सरकार पर ही भरोसा है कि वो उनकी शिकायते दूर कर सकती है. महागठबंधन से जनता को कोई उम्मीद नही है.


पार्टी ने बताया औपचारिक मुलाकात

मांझी कुशवाहा मुलाकात को लेकर सियासी गलियारे में चर्चा तेज हो गई है. लेकिन हम पार्टी के नेता इस मुलाकात को औपचारिक मुलाकात बता रहे हैं. किसी भी सियासी मायने से साफ इन्कार किया जा रहा है. जबकि जीतन राम मांझी ने खुद अपने शोसल मीडिया एक्स पर लिखा कि इस मुलाकात में बिहार के वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की बात कही है.


मीटिंग में चिराग रहे मुद्दा

सूत्रों की माने तो दोनों नेताओं की चर्चा का मुख्य केन्द्र चिराग पासवान रहे. चिराग पासवान के आक्रामक तेवर और हाल के दिनों में बिहार को लेकर उनकी तैयार की गई रणनीति पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई. चिराग अपने तेवर के जरिए अपने लक्ष्य को हासिल करने में कितना कामयाब रहे इस पर भी मंथन हुआ और सीट शेयरिंग में उनके हिस्से क्या आएगा और कैसे अपने हिस्से की सीटें बढाई जाएं इस पर भी मंथन हुआ.


सीटों की उचित हिस्सेदारी चाहते हैं मांझी-कुशवाहा

माझी और कुशवाहा एनडीए में सीटों की उचित हिस्सेदारी चाहते हैं. मांझी और कुशवाहा चाहते हैं कि चिराग की तुलना में उनकी दावेदारी कमजोर न पडे. मांझी ने एनडीए में 20 सीटों की डिमांड की है वहीं कुशवाहा विधानसभा चुनाव में 10 सीट चाहते हैं. मांझी के पास विधानसभा मे चार सीटिंग विधायक हैं और केवल एक लोकसभा सीट है. जबकि कुशवाहा खुद बीजेपी के कोटा से राज्यसभा सांसद बने हैं. जबकि चिराग पासवान ने 50 सीटों की डिमांड बीजेपी से कर रखी है. चिराग के पास पांच सांसद हैं.

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Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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