Bihar Legislative Assembly Monsoon session: आज से बिहार विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। 17वीं विधानसभा का यह सत्र कुल पांच दिनों का होगा, जो सोमवार से शुक्रवार तक चलेगा। मानसून सत्र में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा पहुंचे हैं। उन्होंने सदन के मुख्य द्वार पर खड़े होकर लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी विधानसभा पहुंच गए हैं। इनके अलावा पक्ष और विपक्ष के विधायक विधानसभा पहुंच रहे हैं।
आज से शुरू होकर पांच दिनों तक चलने वाला मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टिकोण से यह काफी महत्वपूर्ण है। इस सत्र में नीतीश सरकार की कोशिश रहेगी कि अधिक से अधिक अहम विधेयकों को पारित कराया जाए। जानकारी के अनुसार, सरकार इस बार करीब दर्जनभर विधेयक सदन में लाने जा रही है, जिनमें चार मूल विधेयक और आठ संशोधन विधेयक शामिल हैं। इनमें से आधा दर्जन से अधिक विधेयक युवाओं, बेरोजगारों, कामगारों और रैयतों से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
बिहार विधानमंडल में 22 और 23 जुलाई को राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें श्रम संसाधन विभाग के 4, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 3, तथा वित्त, पशु एवं मत्स्य संसाधन, नगर विकास एवं आवास, विधि और वाणिज्य कर विभागों के एक-एक विधेयक शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण विधेयक "जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय विधेयक 2025" है। इस विधेयक के जरिए राज्य में पहले कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा को भी मजबूती मिलेगी।
इस सत्र में जहां एक ओर सरकार विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था, मतदाता सूची पुनरीक्षण और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्षी दल सदन के भीतर आक्रामक रुख अपना सकते हैं और कई मसलों को जोरशोर से उठा सकते हैं। मानसून सत्र के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानमंडल परिसर और उसके आसपास कुल 42 दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं।

