Priyanka Gandhi Rally: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। इस बीच राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी एक अलग ही सियासी जंग देखने को मिल रही है। इसी क्रम में हाल ही में महागठबंधन की ओर से "वोटर अधिकार यात्रा" निकाली गई, जिसमें कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी भाग लिया। इस यात्रा का समापन जोरदार जनसंपर्क अभियान के साथ किया गया था।
अब खबर यह है कि प्रियंका गांधी एक महीने के भीतर दूसरी बार बिहार दौरे पर आ रही हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर को बिहार के सीमांचल क्षेत्र में बड़ी रैली कर राज्य को 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी थी। पीएम मोदी ने इसी दौरे में पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन भी किया था, जिसे सीमांचल के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि अब प्रियंका गांधी उसी पूर्णिया में बड़ी जनसभा करने जा रही हैं, जहां दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री मोदी की रैली हुई थी। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, इस रैली की तैयारियाँ ज़ोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं, और यह जनसभा सीधे तौर पर केंद्र की एनडीए सरकार की नीतियों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
यह रैली पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पप्पू यादव के राजनीतिक गढ़ में हो रही है। पप्पू यादव भी इस जनसभा की तैयारी में सक्रिय हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच पर उनकी मौजूदगी और बातचीत का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया था। इसके बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए लिखा कि "मखाना किसानों का दर्द सिर्फ राहुल गांधी समझते हैं, प्रधानमंत्री और उनकी सरकार केवल किसानों को दर्द देना जानती है।"
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी द्वारा पूर्णिया एयरपोर्ट चालू किए जाने के लिए धन्यवाद भी दिया, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ दिया कि केवल घोषणाओं से किसानों की ज़िंदगी नहीं बदलती, ज़मीन पर काम करना होगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने जब प्रियंका गांधी "वोटर अधिकार यात्रा" के तहत बिहार दौरे पर थीं, तो उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ बाइक रैली भी निकाली थी। इस रोड शो में राहुल गांधी बाइक चला रहे थे, प्रियंका गांधी उनके पीछे बैठीं थीं, और उनके ठीक पीछे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी बाइक पर सवार थे। यह तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं और इनसे यह संदेश देने की कोशिश की गई थी कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और आम जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतर चुका है।
प्रियंका गांधी ने उस दौरान बिहार की एनडीए सरकार पर करारा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि राज्य में लोकतंत्र खतरे में है और मतदाता सूची में धांधली के ज़रिए लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना जा रहा है। साथ ही चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे।
ऐसे में अब जब प्रियंका गांधी एक बार फिर पूर्णिया से सरकार पर हमला बोलने जा रही हैं, तो यह दौरा चुनावी रणनीति के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। महज दो हफ्तों के अंतराल में एक ही ज़िले में पीएम मोदी और प्रियंका गांधी की जनसभाएं यह संकेत दे रही हैं कि बिहार की लड़ाई अब सीमांचल के मैदान में भी गर्म हो चुकी है।

