Bihar Election 2025: बिहार में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा हो या महागठबंधन में टिकट बंटवारे की बात, कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ अपनी बातों को रख रही है। अब तो कांग्रेस का भरोसा तेजस्वी यादव से उठने लगा है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में वह पूरे चुनावी कैंपेन को खुद लीड करेगी। ऐसे में बिहार की सियासत में यह सवाल उठने लगा है कि महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका किसकी होगी?
दरअसल, आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। कांग्रेस ने इस बार गठबंधन में बड़ी भूमिका निभाने का संकेत देते हुए कहा है कि वह पूरे चुनाव प्रचार अभियान की कमान संभालेगी और अपने मुद्दों को महागठबंधन के साझा घोषणापत्र में शामिल कराएगी।
कांग्रेस महासचिव नासिर हुसैन ने पटना में प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर अपने वादों को पूरा करेगी। उन्होंने अति पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को बढ़ाने की पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह कर्नाटक और तेलंगाना जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में लागू किया जा चुका है और बिहार में भी इसे लागू करवाया जाएगा।
नासिर हुसैन के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इसे राष्ट्रीय जनता दल और तेजस्वी यादव के लिए एक साफ संदेश माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार गठबंधन में ‘छोटे भाई’ की भूमिका में नहीं रहना चाहती। तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के सवाल पर कांग्रेस अब तक स्पष्ट रुख नहीं अपना पाई है।
कांग्रेल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हों या बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु लगातार इस सवाल को टालते रहे हैं कि महागठबंधन का सीएम फेस कौन होगा? दोनों नेताओं ने कभी भी खुलकर नहीं कहा कि तेजस्वी ही महागठबंधन के सीएम फेस होंगे। अल्लावरु ने हाल ही में कहा थी कि फिलहाल कांग्रेस का मुख्य मुद्दा मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बल्कि वोटों की चोरी को रोकना है।
हालांकि आरजेडी और वीआईपी तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस मानकर ही अपनी रणनीति बना रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने तेजस्वी को सीटों की सूची सौंप दी है और संकेत दिया है कि यदि सीटों के बंटवारे में देरी हुई तो पार्टी अपने दम पर 30 सीटों पर प्रचार शुरू कर देगी। बता दें कि बिहार में अगले महीने विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा संभावित है, ऐसे में महागठबंधन के भीतर सीएम चेहरे और सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं।




