Bihar Election 2025: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पश्चिम चंपारण में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं की स्थिति आज भी दयनीय है। जो वादे चुनावों में किए गए, वे सिर्फ मंच की बात बनकर रह गए हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि “नरेंद्र मोदी ने छठ पर्व पर बिहार के लोगों के लिए 12 हजार ट्रेनें चलाने का वादा किया था, ताकि कोई भी प्रवासी भीड़ में धक्का न खाए, लेकिन आज हकीकत यह है कि बिहार के बच्चे देशभर के स्टेशनों पर लाठियां खा रहे हैं। वे सीढ़ियों और शौचालयों में बैठकर घर आने को मजबूर हैं। यह दृश्य बिहार के स्वाभिमान को चोट पहुंचाने वाला है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने बिहार को सिर्फ वोट बैंक की तरह देखा, विकास की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार के लोगों को रोज़गार नहीं, बल्कि सिर्फ जुमले मिले हैं। प्रशांत किशोर ने चंपारण को “गांधी की कर्मभूमि और जन सुराज की जन्मभूमि” बताते हुए कहा कि यहीं से जन सुराज की राजनीतिक क्रांति की शुरुआत हुई थी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह गांधीजी ने अंग्रेजों की गुलामी से देश को मुक्त कराया, उसी तरह जन सुराज बिहार की राजनीति को “बंधुआ मजदूरी” से मुक्त करेगा। पीके ने कहा कि हम चाहते हैं कि जनता खुद अपनी सरकार चुने, न कि नेताओं की गुलाम बनकर रहे।
बिहार को अब ऐसे नेतृत्व की ज़रूरत है जो सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए राजनीति करे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जात-पात और पैसे की राजनीति से ऊपर उठकर जन सुराज के साथ जुड़ें, ताकि आने वाले समय में बिहार को नई दिशा और नई पहचान मिल सके।
रिपोर्ट- संतोष कुमार, बेतिया

