Bihar Politics: बिहार में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में अपराध बेलगाम हो चुका है और प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।
तेजस्वी यादव ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि राजधानी पटना में पिछले कुछ दिनों में 5-6 बच्चों की घर में घुसकर निर्मम हत्या की गई है। उन्होंने लिखा "विगत चंद दिनों में राजधानी पटना में घर में घुसकर 5-6 बच्चों की दर्दनाक और खौफनाक हत्याएं हुई है। ध्वस्त विधि व्यवस्था एवं शासन-प्रशासन से सुनवाई-कार्रवाई नहीं होने के कारण कल ही पटेल नगर में दो बच्चों की हत्या से आक्रोशित लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे की गाड़ी पर हमला किया। लेकिन जनाब पांडे जी, इतने असंवेदनशील और अहंकारी हैं कि पीड़ित परिवारों से मिलना भी जरूरी नहीं समझा।"
उन्होंने “मोदी जी के अपराधियों वाले मंगलराज” की संज्ञा देते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में अब "घर में घुसकर हत्या" एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है। बिहार के सीएम का नाम लिए बिना तेजस्वी ने उन पर भी हमला बोला और कहा "जब अपराधी प्रवृत्ति के लोग बिहार पुलिस को ‘हांकेंगे’, तो राज्य की कानून-व्यवस्था का और भी पतन तय है। मुख्यमंत्री खुद अचेत और बेसुध स्थिति में हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा और शासन दोनों पर संकट है।"
बता दें कि, 15 अगस्त को एक कार में दो मासूम का शव बरामद किया गया था। बीते 10 दिन बाद सोमवार 25 अगस्त को दो मासूमों की मौत से गुस्साए लोगों ने बीते दिन पटना के अटलपथ पर जमकर बवाल मचाया। अटलपथ पर हुए पथराव और हंगामे के दौरान भीड़ ने एक बाईक और एक कार में आ लगा दी। वही पुलिस के ऊपर पथराव किया गया। वहां से गुजर रहे मंत्री की गाड़ी को भी खदेड़ दिया।
इस घटना से अब बिहार की राजनीतिक में घमासान छिड़ा हुआ है। तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह न तो अपराध पर काबू पा रही है और न ही पीड़ित परिवारों को इंसाफ देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में जनता इस जनविरोधी और संवेदनहीन शासन को मुंहतोड़ जवाब देगी। बिहार में इसी वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। ऐसे में अपराध, बेरोजगारी, और प्रशासनिक विफलता जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन इस तरह के बयानों को राजनीतिक नौटंकी करार देता रहा है।


