Hindi News / politics / बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज, मंत्रियों की फाइनल लिस्ट लेकर...

बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज, मंत्रियों की फाइनल लिस्ट लेकर दिल्ली से आज पटना लौटेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

Bihar Politics: बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली से मंत्रियों की फाइनल लिस्ट लेकर पटना लौट रहे हैं, 6 मई को नए मंत्रियों की घोषणा संभव है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 04, 2026, 7:52:13 AM

Bihar Politics

- फ़ोटो Social media

Bihar Politics: बिहार में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दिल्ली दौरे से लौटकर दोपहर 12 बजे पटना पहुंचेंगे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, वह कैबिनेट विस्तार की फाइनल सूची लेकर लौट रहे हैं, जिस पर दिल्ली में अंतिम सहमति बन चुकी है।


राज्य में 6 मई को मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना है। जदयू, भाजपा, हम, रालोजपा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कोटे से मंत्रियों की संख्या पर भी फैसला हो चुका है। उसी दिन शाम 5 बजे मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक भी बुलाई है, जिसमें नए मंत्रियों के साथ पहली बैठक होने की उम्मीद जताई जा रही है।


इसी बीच आज असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम भी घोषित होने वाले हैं, जिससे यह दिन भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन परिणामों के बाद किसी भी समय नई कैबिनेट का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।


मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह पहली औपचारिक मुलाकात थी, जिसमें मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ सरकार के आगामी एजेंडे और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।


दिल्ली जाने से पहले सम्राट चौधरी ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। माना जा रहा है कि इस दौरान भी संभावित मंत्रियों के नाम और कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा हुई, जिससे संकेत मिलते हैं कि इस फैसले में सभी प्रमुख नेताओं की अहम भूमिका है।


सूत्रों के अनुसार, इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय संतुलन, अनुभव और नए चेहरों का खास ध्यान रखा जा रहा है। संभावना है कि कैबिनेट में युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा, साथ ही महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।