Bihar Assembly Monsoon session: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। सत्र की शुरुआत होने के दिन से ही विपक्ष मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सदन में चर्चा कराने की मांग पर अड़ा हुआ है। आज तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी विधायकों ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया है।
दरअसल, बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष का विरोध आज भी जारी है। महागठबंधन के विधायक आज एक बार फिर काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे और अंदर-बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया।
कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि चुनाव आयोग खुद स्वीकार कर रहा है कि 52 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नाम मुख्य रूप से गरीब, पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के हैं।
शकील अहमद ने कहा कि हम तो पहले से कह रहे थे कि नाम काटे जा रहे हैं, और अब चुनाव आयोग ने खुद मान लिया है। यह पूरी प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक विधानसभा चलती रहेगी और जब तक स्पीकर इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराते, हमारा विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग अब भाजपा का एजेंट बन चुका है और उसी के इशारों पर काम कर रहा है। अब यह लड़ाई सिर्फ लोकतंत्र बचाने की नहीं, बल्कि आर-पार की लड़ाई बन चुकी है। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला। आरजेडी विधायक राकेश रोशन ने भी सदन के बाह अपनी आवाज बुलंद की है।
पटना से विश्वजीत आनंद के साथ प्रेम राज की रिपोर्ट..





