Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल और गरमाने लगा है। सभी दल अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं और चुनावी रैलियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। शुक्रवार को वैशाली जिले के महुआ में आयोजित जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है।
बीजेपी के पातेपुर से विधायक लखेंद्र कुमार रौशन उर्फ लखेंद्र पासवान ने फेसबुक पर इस वीडियो को साझा करते हुए आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के निर्देश और आरजेडी के अन्य नेताओं के इशारे पर कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी की मां को अपशब्द कहे। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो ने चुनावी राजनीति को गर्मा दिया है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने इस मामले पर तेजस्वी यादव पर तीखा हमला किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, “तेजस्वी यादव ने फिर मोदी जी की मृत माताजी को गाली दिलवाई। इन्होंने बिहार की संस्कृति को एक बार फिर तार-तार कर दिया। रैली में आरजेडी के कार्यकर्ता जितना गाली दे रहे थे, तेजस्वी उतना ही हौसला बढ़ा रहे थे। इस गुंडई की मानसिकता और गाली का हिसाब बिहार की माताएं-बहनें जरूर करेंगी।”
जानकारी के अनुसार, महुआ में आयोजित इस सभा में तेजस्वी यादव का मंच पर ठहराव बहुत कम था और उन्होंने महज पांच मिनट का भाषण दिया। इसके बावजूद सभा में भारी भीड़ जमा हुई थी।
यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी या उनके परिवार को अपशब्द कहे गए हों। पिछले महीने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान दरभंगा जिले में एक स्वागत समारोह के मंच से भी प्रधानमंत्री की मां को गाली दी गई थी। उस घटना में पुलिस ने मोहम्मद रिज़वी नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जिसका किसी भी राजनीतिक दल से संबंध नहीं था। उस घटना के बाद एनडीए ने बिहार और देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे और राहुल-तेजस्वी से सार्वजनिक माफी की मांग की थी। इस मुद्दे को लेकर एनडीए ने 4 सितंबर को बिहार बंद भी बुलाया था।
यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच जातीय, सांस्कृतिक और राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। चुनाव से पहले इस तरह के विवाद सियासी माहौल को और गंभीर बना देते हैं और जनता के बीच मतदाता दृष्टिकोण पर भी असर डालते हैं। विपक्षी दलों ने आरोपों का खंडन किया है और इसे भाजपा का चुनावी हथकंडा बताया है। बिहार चुनाव की तारीखों की घोषणा जल्द होने की संभावना है, और राजनीतिक दल इस चुनाव को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में यह विवाद चुनाव के स्वरूप को भी प्रभावित कर सकता है।

