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Bihar Politics: अपने ही गांव में बेगाने हो गए कांग्रेस के कन्हैया कुमार, वोटर्स पर नहीं चला कोई जादू

Bihar Politics: बिहार के तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र में सीपीआई के रामरतन सिंह को भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा. अपने गांव बीहट में भी कन्हैया कुमार का कोई जादू नहीं चला और मतदाताओं ने उन्हें बेगाना बना दिया.

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Mukesh Srivastava
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Bihar Politics: महिलाओं के उच्च मतदान और एनडीए की मजबूत लहर के चलते बिहार के लेनिनग्राद कहे जाने वाले जिले बेगूसराय में सीपीआई की सत्ता ढह गई। वामपंथी नेता और अब कांग्रेस के स्टार प्रचारक कन्हैया कुमार की विधानसभा सीट तेघड़ा से सीपीआई के विधायक रामरतन सिंह को भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा।


तेघड़ा सीट, जिसे परिसीमन से पहले बरौनी विधानसभा कहा जाता था, बिहार का मिनी मॉस्को के रूप में जानी जाती है। 1962 से 2005 तक इस सीट पर लगातार 10 बार सीपीआई के विधायक जीते थे। 2010 में बीजेपी के ललन कुंवर ने यह सिलसिला तोड़ा और 2015 में राजद के बीरेंद्र कुमार ने जीत हासिल की थी।


कन्हैया कुमार का गांव बीहट, तेघड़ा में ही आता है और अब यह नगर पंचायत बन चुका है। रामरतन सिंह भी बीहट के ही रहने वाले हैं। मतदान के दिन कन्हैया के अपने बूथ पर भी सीपीआई को बीजेपी से 127 वोट कम मिले।


बीजेपी के उम्मीदवार और दो बार स्थानीय निकाय के एमएलसी रहे रजनीश कुमार ने रामरतन सिंह को 35,364 वोट के अंतर से हराया। गौरतलब है कि रामरतन सिंह ने 2020 में जेडीयू के बीरेंद्र कुमार को 47,979 वोट के अंतर से हराया था।


अमूमन प्रत्याशी अपने गांव और अपने बूथ से लीड लेते हैं, लेकिन इस बार रामरतन सिंह बीहट के 27 बूथों में केवल 10 पर ही आगे रह सके। एनडीए से भाजपा उम्मीदवार रजनीश कुमार 17 बूथों में आगे रहे। बीहट से रजनीश को कुल 1,519 वोट की लीड मिली। कन्हैया के बूथ (बूथ संख्या-269) पर भी रामरतन सिंह 127 वोट से रजनीश कुमार से पीछे रहे, जहां रजनीश को 281 और रामरतन सिंह को 154 मत मिले।


नगर पंचायत बनने से पहले बीहट चार पंचायतों का गांव था। पंचायतों के आधार पर रामरतन सिंह बीहट 1 में 857, बीहट 2 में 635 और बीहट 4 में 102 वोट से पीछे रहे, जबकि बीहट 3 में 75 वोट की लीड बनाई। बीहट में कुल 17,412 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। रजनीश कुमार को 8,752 और रामरतन सिंह को 7,254 वोट मिले। जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार रामनंदन सिंह को 556 वोट मिले और 140 मतदाताओं ने NOTA का विकल्प चुना।

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रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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