Bihar Politics: बिहार सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनेंगे। उन्होंने पॉलिटिकल साइंस विषय में एससी (SC) कैटेगरी से चयनित होकर मेरिट सूची में स्थान पाया है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने इंटरव्यू के बाद फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है।
दरअसल, बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली की प्रक्रिया वर्ष 2020 में शुरू हुई थी। राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। चार साल बाद अब इसका अंतिम परिणाम जारी हुआ है।
अशोक चौधरी वर्तमान में 58 वर्ष के हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि वे असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका निभाएंगे या नहीं। यदि वह इस पद को ज्वाइन नहीं करते हैं, तो यह सीट पुनः रिक्त मानी जाएगी और आगे की बहाली प्रक्रिया में शामिल की जाएगी। अगर अशोक चौधरी इस पद को स्वीकार करते हैं, तो उन्हें राज्य सरकार की सेवा से इस्तीफा देना पड़ सकता है या फिर विशेष अनुमति लेनी पड़ सकती है।

