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भरत तिवारी को न्याय मिलेगा या नहीं? परिजनों से मुलाकात के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने दिया जवाब

Bihar Politics: भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई तय है।

1st Bihar Published by: RAKESH KUMAR Updated Jul 05, 2026, 1:54:47 PM

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भरत तिवारी के परिजनों से मिले मंत्री - फ़ोटो Reporter

Bihar Politics: भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर मचे बवाल के बीच बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने बिलौटी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनकी बातों को सुना। भरत तिवारी की मां से बातचीत की और उन्हें हर हाल में न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।


दरअसल, शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, मां आशा देवी और अन्य परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तथा हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया।


इस दौरान उन्होंने भरत तिवारी के बड़े और छोटे भाई को अपना पहचान पत्र देते हुए जरूरत पड़ने पर सीधे कार्यालय में आकर मिलने को कहा। मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने मंत्री से आरोप लगाया कि जगदीशपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजीत कुमार की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या उनके सामने कराई गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


मीडिया से बातचीत के दौरान अशोक चौधरी ने कहा कि भरत तिवारी की मां और पिताजी से बात किए हैं। बहुत सी चीजें हैं जिनकी जानकारी मुझे नहीं थी, वो भी जानकारी प्राप्त हुई है। हम इन सभी बातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री को बताएंगे कि क्या परिस्थिति है। मंत्री ने कहा कि जो भी लोग इसमें शामिल हैं उनके ऊपर एक्शन तय है।


उन्होंने कहा कि गलत तरह से प्रचार किया जा रहा है कि डीएसपी का प्रमोशन कर दिया गया है लेकिन सच्चाई यह है कि डीएसपी का प्रमोशन नहीं किया गया है बल्कि केस की जांच प्रभावित न हो इसके लिए डीएसपी का तबादला दूसरी जगह किया गया है। उनके बारे में तो सरकार ने भी माना है कि लोग उनके कार्यशैली से असंतुष्ट हैं और इसीलिए उनका यहां से तबादला कर दिया गया है।


मंत्री ने कहा कि यहां आने के बाद एसडीएम के बारे में जानकारी मिली है कि लगभग 1400 करोड़ रुपया आया था, भरत तिवारी की मां ने जैसा बताया था। यहां के विस्थापितों के लिए वह लड़ाई लड़ रहे थे। उनके पास बहुत सी जानकारी थी। जब भरत तिवारी का एनकाउंटर हो रहा था तब एसडीएम यहां पर क्या कर रहे थे? इन सब बातों की जानकारी ली जा रही है। न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष से भी बात करेंगे। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से लेकर जो भी पदाधिकारी हैं सभी को इन चीजों से हम अवगत कराएंगे।


सम्राट चौधरी की सरकार में भरत तिवारी न्याय मिल पाएगा या नहीं? मीडिया के इस सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि अगर न्याय नहीं मिल मिलता और न्याय की ईच्छा नहीं होती तो न्यायिक जांच क्यों होती, किसी आईजी से भी जांच करा सकते थे। ये राजतंत्र नहीं है न, ईरान का शासन तो नहीं है कि किसी का सिर कटा तो काटने वाले के हांथ काट दो, यहां तो न्यायिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि थोड़ा समय जरूर लग सकता है लेकिन न्याय जरूर मिलेगा।