1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 05, 2026, 2:25:23 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Toll Policy: राज्य उच्च पथों से गुजरने वाले वाहनों से टोल वसूली की प्रक्रिया इस वर्ष नवंबर से पहले शुरू होने की संभावना कम दिख रही है। पथ निर्माण विभाग फिलहाल पूरे राज्य में वाहन आवागमन का विस्तृत आकलन करने में जुटा है, जिसके आधार पर आगे की टोल नीति लागू की जाएगी।
विभाग द्वारा यह अध्ययन किया जा रहा है कि किसी भी राज्य उच्च पथ (SH) पर एक महीने में औसतन कितने वाहनों की आवाजाही होती है। इसके लिए दो महीने तक सर्वेक्षण किए जाने की संभावना है। इस दौरान सड़कों के दोनों छोर पर कैमरे लगाकर वाहनों की गिनती की जा रही है।
टोल नीति का सबसे अहम आधार वार्षिक संभावित संग्रह (Annual Potential Collection) होगा। इसके तहत यह तय किया जाएगा कि किसी सड़क से एक माह में औसतन कितनी टोल वसूली संभव है। इसी आंकड़े के आधार पर संबंधित सड़क की टोल संग्रह क्षमता निर्धारित की जाएगी।
इसके बाद टोल राशि में टोल एजेंट के खर्च और रखरखाव की लागत जोड़कर कुल अनुमानित राशि तय की जाएगी, जिसके आधार पर निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू होगी और टोल एजेंट का चयन किया जाएगा। नई टोल नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि वर्तमान ट्रैफिक के अनुमान में लगभग 5 प्रतिशत वृद्धि को ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही टोल फ्री वाहनों की संख्या को भी गणना में शामिल किया जाएगा।
टोल लागू करने की अधिसूचना जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किसी राज्य उच्च पथ से गुजरने पर वाहनों को कितनी राशि टोल के रूप में देनी होगी। फिलहाल अधिकतम 20 किलोमीटर की दूरी को टोल दायरे में शामिल करने पर विचार चल रहा है। हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट बैठक के बाद यह तय किया गया है कि प्रति किलोमीटर टोल दर कितनी होगी, जबकि अन्य तकनीकी और परिचालन मानकों पर विभागीय स्तर पर काम जारी है।