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Bihar News : पटना-हाजीपुर वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! गंगा पर बन रहे नए फोरलेन पुल का इतना काम पूरा, जानिए कब शुरू होगा आवागमन

पटना और हाजीपुर के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत! गंगा पर बन रहे नए फोरलेन पुल का 73% निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार ने दिसंबर 2026 तक इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके शुरू होते ही महात्मा गांधी सेतु पर जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 05, 2026, 12:26:40 PM

Bihar News : पटना-हाजीपुर वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! गंगा पर बन रहे नए फोरलेन पुल का इतना काम पूरा, जानिए कब शुरू होगा आवागमन

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Bihar News : बिहार की राजधानी पटना और हाजीपुर के बीच आवागमन करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहे नए फोरलेन पुल का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार परियोजना का लगभग 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। विभाग का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा कर आम लोगों के लिए खोलने का है।


हाल ही में बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया कि तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता से कोई समझौता किए बिना कार्य पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान परियोजना की प्रगति और शेष कार्यों की समीक्षा भी की गई।


14.5 किलोमीटर लंबी है पूरी परियोजना

यह परियोजना सिर्फ एक पुल तक सीमित नहीं है। मुख्य पुल की लंबाई करीब 5.6 किलोमीटर है, जबकि एप्रोच रोड, रेल ओवरब्रिज और फ्लाइओवर समेत पूरी परियोजना की कुल लंबाई लगभग 14.5 किलोमीटर है। निर्माण एजेंसी के अनुसार पुल का अधिकांश सुपर-स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। कई हिस्सों में पाइलन, केबल, स्पैन और डेक स्लैब का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि बाकी हिस्सों में अंतिम चरण का कार्य तेजी से जारी है।


2018 में मिली थी मंजूरी, 2021 में शुरू हुआ निर्माण

इस मेगा परियोजना की अनुमानित लागत 2,926.42 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 17 दिसंबर 2018 को इस परियोजना को मंजूरी दी थी। हालांकि पर्यावरणीय और अन्य तकनीकी स्वीकृतियों में देरी के कारण निर्माण कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका। बाद में 4 सितंबर 2020 को निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित किया गया और वर्ष 2021 में जमीनी स्तर पर निर्माण शुरू हुआ। इसके बाद से परियोजना पर लगातार काम जारी है और अब यह अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।


महात्मा गांधी सेतु पर कम होगा दबाव

वर्तमान में महात्मा गांधी सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस पुल से गुजरते हैं, जिससे अक्सर लंबा जाम लग जाता है। नया फोरलेन पुल शुरू होने के बाद पुराने गांधी सेतु और नए पुल को मिलाकर कुल आठ लेन की यातायात क्षमता उपलब्ध होगी। इससे पटना और हाजीपुर के बीच वाहनों का दबाव बंट जाएगा और लंबे समय से बनी जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही भारी वाहनों और सामान्य यातायात का संचालन भी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।


उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नया पुल केवल पटना और हाजीपुर के बीच सफर को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को भी नई मजबूती देगा। इस परियोजना से वैशाली, मुजफ्फरपुर, सारण समेत उत्तर बिहार के कई जिलों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। व्यापार, परिवहन और माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ने के साथ-साथ यात्रियों का समय भी बचेगा। बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उद्योग, कृषि और पर्यटन क्षेत्र को भी मिलने की संभावना है।


दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

पथ निर्माण विभाग का कहना है कि निर्माण कार्य तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रहा है। यदि शेष कार्य भी निर्धारित गति से पूरा होता है तो दिसंबर 2026 तक यह बहुप्रतीक्षित पुल जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद पटना-हाजीपुर मार्ग पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और गंगा पार आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।