Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनावों की हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर अब हर साल गुजरात के एकता नगर में गणतंत्र दिवस जैसी भव्य परेड आयोजित की जाएगी। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं परेड की सलामी देंगे।
अमित शाह ने कहा कि “सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन में और आजादी के बाद देश को एकजुट करने में अद्भुत भूमिका निभाई। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिसके कारण उन्हें भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई। उन्होंने आगे कहा कि देश की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार पटेल की जयंती अब सिर्फ एक स्मरण दिवस नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और प्रेरणा का पर्व बनेगी।
शाह ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 7:55 बजे एकता नगर में भव्य परेड की सलामी देंगे। इस मौके पर न केवल गुजरात, बल्कि पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी राज्यों, जिलों, विश्वविद्यालयों और विद्यालयों में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर एकता दौड़ का आयोजन होगा।
इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बिहार हमेशा से राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का केंद्र रहा है, इसलिए इस परंपरा की शुरुआत की घोषणा पटना से होना अपने आप में ऐतिहासिक है। शाह ने आगे कहा कि सरदार पटेल ने भारत की 562 रियासतों को जोड़कर जिस एकता की नींव रखी, वही आज “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का आधार है। यह परेड देश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता का प्रतीक बनेगी।
उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि हर नागरिक इस दिन अपने भीतर सरदार पटेल की भावना को महसूस करे।” बता दें कि बिहार चुनावी माहौल के बीच शाह का यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। बीजेपी इसे राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रवाद के प्रतीक के रूप में प्रचारित करने की रणनीति में है।



