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नियोजित शिक्षकों के साथ खेल रही है सरकार? मंत्री बातचीत का न्योता दे रहे हैं, अधिकारी कार्रवाई की धमकी, रैली के लिए गांधी मैदान नहीं मिला

1st Bihar Published by: 13 Updated Aug 31, 2019, 1:45:21 PM

नियोजित शिक्षकों के साथ खेल रही है सरकार? मंत्री बातचीत का न्योता दे रहे हैं, अधिकारी कार्रवाई की धमकी, रैली के लिए गांधी मैदान नहीं मिला

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PATNA: बिहार के नियोजित शिक्षकों के साथ सरकार कौन सा खेल रही है. शिक्षा विभाग के मंत्री शिक्षकों को बातचीत का न्योता दे रहे हैं. जबकि सरकारी अधिकारियों ने नियोजित शिक्षकों को डंडे के जोर पर सीधा करने की पूरी तैयारी कर ली है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश के बाद पटना के जिलाधिकारियों ने 5 सितंबर को रैली के लिए शिक्षकों को गांधी मैदान नहीं देने का आदेश दिया है. यानि शिक्षक पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक शिक्षक दिवस के दिन पटना में रैली और प्रदर्शन नहीं कर पायेंगे. https://www.youtube.com/watch?v=15RJQLMW2J4 पटना के जिलाधिकारी ने नहीं दिया गांधी मैदान नियोजित शिक्षकों ने पहले ही फैसला लिया था कि 5 सितंबर यानि शिक्षक दिवस के दिन वे पटना के गांधी मैदान में रैली कर प्रदर्शन करेंगे. वे एलान कर चुके थे कि ये उनका अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन होगा. नियोजित शिक्षकों के संगठन ने पटना के जिलाधिकारी को आवेदन देकर रैली के लिए गांधी मैदान देने की मांग की थी. वे इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तय किया हुआ शुल्क भी देने को तैयार थे. लेकिन गुरूवार को पटना के डीएम ने शिक्षकों को गांधी मैदान देने से मना कर दिया. अब अगर कोई वहां रैली करता है तो सरकार कानूनी कार्रवाई करेगी. शिक्षा मंत्री दे रहे बातचीत का न्योता उधर आज शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने नियोजित शिक्षकों को बातचीत करने का न्योता दिया है. मंत्री ने कहा कि आपसी बातचीत से सारे मसले हल किये जा सकते हैं. ऐसे में नियोजित शिक्षकों को जिद छोड़कर सरकार के साथ बात करनी चाहिये. सरकार उनकी सारी मांगों पर सहानुभूति के साथ विचार करने को तैयार है. मंत्री का न्योता, अधिकारियों का डंडा लेकिन दो दिन पहले ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव शिक्षकों के आंदोलन पर डंडा चला चुके हैं. बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक दिवस के मौके पर सरकारी छुट्टी घोषित थी. लेकिन आनन फानन में अपर मुख्य सचिव ने सारे स्कूलों के लिए आदेश जारी कर दिया. शिक्षक दिवस पर छुट्टी रद्द करते हुए सारे शिक्षकों को उस दिन हर हाल में स्कूल में मौजूद रहने का आदेश दिया गया. अपर मुख्य सचिव ने साफ लिखा कि जो शिक्षक उस दिन स्कूल में मौजूद नहीं रहेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. यानि सरकार किसी सूरत में नियोजित शिक्षकों को पटना पहुंचने देने पर राजी नहीं है. क्यों आक्रोशित हैं नियोजित शिक्षक? नियोजित शिक्षक समान काम के लिए समान वेतन मांग रहे हैं. अपनी मांग के समर्थन में उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है. इसके तहत ही वे 5 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में रैली करने वाले थे. लेकिन सरकार की सख्ती को देखते हुए रैली हो पाने की संभावना कम ही दिख रही है.