ब्रेकिंग
पटना सिटी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़, अवैध रिफिलिंग करते एक गिरफ्तारकांग्रेस जिलाध्यक्ष की लिस्ट में यादवों और ब्राह्मणों का दबदबा, भूमिहार राजपूत पर भारी नालंदा शीतला माता मंदिर भगदड़: अबतक 9 की मौत, गर्मी और भीड़ बनी हादसे की वजह; SIT जांच शुरूमुजफ्फरनगर में एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत, सामूहिक आत्महत्या की आशंकाई आईपीएस बनेगा.., अनंत सिंह ने छोटे बेटे को लेकर बताई दिल की ईच्छा, अभिनव ने दिया यह जवाबपटना सिटी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़, अवैध रिफिलिंग करते एक गिरफ्तारकांग्रेस जिलाध्यक्ष की लिस्ट में यादवों और ब्राह्मणों का दबदबा, भूमिहार राजपूत पर भारी नालंदा शीतला माता मंदिर भगदड़: अबतक 9 की मौत, गर्मी और भीड़ बनी हादसे की वजह; SIT जांच शुरूमुजफ्फरनगर में एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत, सामूहिक आत्महत्या की आशंकाई आईपीएस बनेगा.., अनंत सिंह ने छोटे बेटे को लेकर बताई दिल की ईच्छा, अभिनव ने दिया यह जवाब

Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र में GBS का कहर! 2 की मौत..16 नये केस, वेंटिलेटर पर हैं 20 मरीज

Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र में गुइलेन बैरे सिंड्रोम यानी जीबीएस के 16 नये केस मिले हैं। एक और मरीज की जीबीएस से मौत होने का संदेह है। नये मामलों के साथ राज्य में जीबीएस के कुल 127 संदिग्ध मरीज हो गए हैं। जिसमें 20 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।

Guillain-Barre Syndrome
महाराष्ट्र में GBS का कहर!
© google
Khushboo GuptaKhushboo Gupta|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र में बुधवार को एक महिला की मौत गुइलेन-बैरे सिंड्रोम यानी (जीबीएस) से होने का शक है।  स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे की 56 वर्षीय महिला की सरकारी ससून जनरल हॉस्पिटल में जीबीएस के कारण मौत हो गई है, वो कई और बीमारियों से भी ग्रस्त थी।


इससे पहले रविवार को सोलापुर में 40 साल के एक शख्स की संदिग्ध रूप से जीबीएस से मौत हो गई थी। इस दुर्लभ बीमारी के राज्य में 16 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद जीबीएस के कुल 127 संदिग्ध मरीज हो गये हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रेस रिलीज में कहा कि, 'अभी तक जीबीएस के 127 संदिग्ध मरीज मिले हैं। इसके अलावा एक और मरीज की बीमारी से मौत होने का संदेह है उनमें से 9 पुणे जिले के बाहर के हैं। 'बुधवार को जीबीएस के 16 नए केस सामने आए। जिसमें से 72 मामलों में जीबीएस की पुष्टि हुई है और 20 मरीज फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं।


गुइलेन बैरे सिंड्रोम यानी जीबीएस एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की इम्यूनिटी गलती से अपने ही पेरिफेरेल नसों पर हमला कर देती है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्न हो जाना और पैरालाइसिस हो सकता है। आमतौर पर शुरुआती इलाज से ही इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है और 2-3 हफ्ते के अंदर रिकवरी भी देखने को मिलती है। इस बीमारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व स्तर पर इससे प्रभावित लोगों में से करीब 7.5% लोगों की मौत हो जाती है। गुइलेन बैरे सिंड्रोम एक रेयर बीमारी है,  हर साल एक लाख लोगों में एक या दो लोगों में ये बीमारी देखने को मिलती है। आपको बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति रहे फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट की मौत भी इसी बीमारी के कारण हुई थी।

इस खबर के बारे में
Khushboo Gupta

रिपोर्टर / लेखक

Khushboo Gupta

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें