ब्रेकिंग
सरकारी कैलेंडर में मंत्री के परिवार की फोटो, RJD ने चिराग के नेता पर पद का दुरुपयोग करने का लगाया आरोपमुजफ्फरपुर SSP की बड़ी कार्रवाई: गायघाट थानेदार समेत पूरी छापेमारी टीम सस्पेंडपिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरासरकारी कैलेंडर में मंत्री के परिवार की फोटो, RJD ने चिराग के नेता पर पद का दुरुपयोग करने का लगाया आरोपमुजफ्फरपुर SSP की बड़ी कार्रवाई: गायघाट थानेदार समेत पूरी छापेमारी टीम सस्पेंडपिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा

शंकराचार्य अपमान और UGC नियमों के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री जानिये?

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य के ब्राह्मण बटुकों से हुए अपमान और UGC के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा दे दिया। संघर्षों से भरा उनका जीवन सफर के बारे में जानिये।

up
PCS अफसर का बड़ा फैसला
© social media
Jitendra Vidyarthi
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DESK: बरेली में तैनात पीसीएस अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ब्राह्मण बटुकों के अपमान और यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। अलंकार अग्निहोत्री का जीवन संघर्ष, त्याग और दृढ़ संकल्प की मिसाल रहा है।


बचपन में ही उठाया जिम्मेदारियों का बोझ

अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। उनका संघर्ष बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गया था। महज साढ़े दस साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद घर की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। हालांकि उनकी माता गीता अग्निहोत्री ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों की शिक्षा और परवरिश में कोई कमी नहीं आने दी।


मेधावी छात्र से IIT तक का सफर

अलंकार ने कानपुर से ही 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। वे शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे और यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश में 21वां स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने आईटी-बीएचयू (वर्तमान में IIT-BHU) से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया।


परिवार के लिए छोड़ा सपना, फिर की वापसी

आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद अलंकार का सपना सिविल सेवा में जाने का था, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने एक आईटी कंपनी में कंसल्टेंट के रूप में नौकरी ज्वाइन की। छोटे भाई-बहनों को सेटल करने और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने के बाद, वर्ष 2015 में उन्होंने लगभग 10 साल पुरानी सुरक्षित नौकरी छोड़कर पीसीएस की तैयारी करने का साहसिक फैसला लिया।


परिवार का मजबूत सहारा बना ताकत

अलंकार अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता और पत्नी आस्था मिश्रा को देते हैं। उनका कहना है कि शादीशुदा व्यक्ति के लिए नौकरी छोड़कर परीक्षा की तैयारी करना बड़ा जोखिम होता है, इसलिए उन्होंने पहले से एक साल की सैलरी बचाकर आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की, जिससे तैयारी के दौरान परिवार को कोई परेशानी न हो।


पहले ही प्रयास में मिली सफलता

तैयारी के दौरान अलंकार ने लो-प्रोफाइल रहना और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखना अपनी रणनीति बनाई। वे मानते हैं कि सिविल सेवा एक तपस्या है, जिसमें धैर्य सबसे बड़ी परीक्षा होती है। इसी अनुशासन और एकाग्रता का नतीजा रहा कि उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर डिप्टी कलेक्टर (एसडीएम) जैसा प्रतिष्ठित पद हासिल किया। आज अलंकार अग्निहोत्री अपने सिद्धांतों और विचारों के प्रति अडिग रहने के कारण चर्चा में हैं। उनका इस्तीफा न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि उनके व्यक्तित्व और मूल्यों को भी दर्शाता है।

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें