Sukma: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। तेलंगाना के मूलगु जिले के वाजेडु गांव के पास वेंकटपुरम और ईडमिली की पहाड़ियों में नक्सलियों ने एक IED ब्लास्ट को अंजाम दिया है, जिसमें तीन जवान शहीद हो गए और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुठभेड़ अभी भी जारी है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बताते चलें कि, सुकमा और इसके आसपास का इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। ये क्षेत्र बस्तर जोन के सात सबसे प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां नक्सली अक्सर सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबल एक सर्च ऑपरेशन पर थे, तभी नक्सलियों ने घात लगाकर IED ब्लास्ट किया। घायल जवानों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस और CRPF की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और हमलावरों की तलाश में जुट गई हैं। बता दें कि, ये हमला हाल के महीनों में सुकमा और आसपास के क्षेत्रों में नक्सलियों की बढ़ती गतिविधियों का हिस्सा है। इससे पहले 29 मार्च 2025 को सुकमा में ही एक बड़े ऑपरेशन में 17 नक्सली मारे गए थे, जिसमें नक्सलियों का बड़ा नेटवर्क तबाह हुआ था। लेकिन इस बार नक्सलियों ने फिर से IED का सहारा लिया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने पहले कहा था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन इस तरह के हमले उस लक्ष्य के सामने बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। केवल यही नहीं, इस मुठभेड़ ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर चल रहे ‘मिशन संकल्प’ जैसे बड़े ऑपरेशनों की जटिलता को भी उजागर किया है। मिशन संकल्प में 24,000 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जो 800 वर्ग किमी के जंगली इलाके में नक्सलियों को खत्म करने के लिए तैनात हैं। लेकिन IED हमले सुरक्षाबलों के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं, क्योंकि इन्हें जंगल में छिपाकर रखा जाता है।






