ब्रेकिंग
पटना में आज से नए नियम लागू: अब कचरा अलग-अलग देना अनिवार्य, सौ से अधिक लोगों के आयोजन पर देनी होगी जानकारीमिडिल ईस्ट तनाव का असर: 19 KG वाला LPG सिलेंडर हो गया महंगा, आम जनता की जेब पर पड़ेगा सीधा असरपटना में देर रात अपराधियों का तांडव: अपार्टमेंट में घुसकर कारोबारी को मारी गोली, ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंपपटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनातपटना में आज से नए नियम लागू: अब कचरा अलग-अलग देना अनिवार्य, सौ से अधिक लोगों के आयोजन पर देनी होगी जानकारीमिडिल ईस्ट तनाव का असर: 19 KG वाला LPG सिलेंडर हो गया महंगा, आम जनता की जेब पर पड़ेगा सीधा असरपटना में देर रात अपराधियों का तांडव: अपार्टमेंट में घुसकर कारोबारी को मारी गोली, ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंपपटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनात

Starlink: भारत में अब हर किसी को मिलेगा तेज और सस्ता इंटरनेट, Elon Musk ने बढाई Jio और Airtel की चिंता

Starlink: स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट लाइसेंस, जियो-एयरटेल को मिलेगी टक्कर। ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट जल्द ही।

Starlink
स्टारलिंक
© Google
Deepak KumarDeepak Kumar|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Starlink: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत के दूरसंचार विभाग से सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए GMPCS लाइसेंस मिल गया है, जिससे रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के लिए चुनौतियां अब बढ़ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, स्टारलिंक को यह मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि बाकी है। अगले 15-20 दिनों में कंपनी को टेस्टिंग के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित होगा, जिसके बाद भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू हो सकती है। यह सेवा ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाएगी।


स्टारलिंक भारत में सैटेलाइट इंटरनेट लाइसेंस पाने वाली तीसरी कंपनी है। इससे पहले, जियो के सहयोगी SES और एयरटेल की सहयोगी Eutelsat OneWeb को यह लाइसेंस मिल चुका है। स्टारलिंक की सेवा बांग्लादेश और भूटान में पहले से ही सक्रिय है, जो इसकी तकनीकी क्षमता को दर्शाती है।


जियो-एयरटेल के लिए चुनौती

स्टारलिंक की एंट्री से जियो और एयरटेल की OneWeb को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, खासकर ग्रामीण बाजार में। हालांकि, मस्क ने पहले जियो और एयरटेल के साथ किट और हार्डवेयर वितरण के लिए साझेदारी की बात कही थी, लेकिन इसकी स्थिति अस्पष्ट है। स्टारलिंक की वैश्विक पहुंच और कम लागत वाली सेवा मौजूदा टेलीकॉम दिग्गजों के लिए खतरा बन सकती है।


स्पेसएक्स की स्टारलिंक सैटेलाइट्स के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करती है, जो 4,000 से अधिक लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स पर आधारित है। यह सेवा उन क्षेत्रों में प्रभावी होगी जहां मोबाइल टावर या ब्रॉडबैंड पहुंचना मुश्किल है, जैसे बिहार के सुदूर गांव, पहाड़ी इलाके, या आपदा प्रभावित क्षेत्र। उपयोगकर्ताओं को केवल एक डिश एंटीना और सब्सक्रिप्शन की जरूरत होगी। ग्लोबल डेटा के अनुसार, स्टारलिंक 50-200 Mbps की स्पीड दे सकती है, जो ग्रामीण भारत के लिए क्रांतिकारी होगा।


स्टारलिंक की सेवा डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा देगी, खासकर शिक्षा, टेलीमेडिसिन, और ई-कॉमर्स में। हालांकि, इसकी कीमत और साझेदारी मॉडल पर स्पष्टता अभी बाकी है। मस्क के इस कदम के के चलते जियो और एयरटेल को अपनी रणनीति में बदलाव भी करना पड़ सकता है, उन्हें न चाहते हुए भी सस्ते प्लान या हाइब्रिड सैटेलाइट-फाइबर मॉडल पर काम करना होगा।

इस खबर के बारे में
Deepak Kumar

रिपोर्टर / लेखक

Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें