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फर्स्ट AC में सुहागरात की सेज के बाद रेलवे सैलून कोच में पूजा-पाठ का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

Viral Video: रेलवे के सैलून कोच में पूजा-पाठ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। IRCTC के जरिए नियमों के तहत निजी कंपनी को व्यावसायिक बुकिंग पर दिए गए कोच में पूजा का आयोजन किया गया। वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 13, 2026, 1:32:37 PM

Viral Video

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल - फ़ोटो Google

Viral Video: भारतीय रेलवे के सैलून कोच में पूजा-पाठ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। 



सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हनीमून कोच के बाद अब रेलवे के सैलून कोच में पूजा होती दिखाई दे रही है। वीडियो में जगह की पहचान शुरुआत में स्पष्ट नहीं हो पाई थी। यह वीडियो 12 जुलाई की शाम को पोस्ट किया गया था, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।



वायरल वीडियो में एक सजे हुए कमरे के अंदर पूजा की व्यवस्था दिखाई दे रही है। सोफे के सामने लाल कपड़े पर पूजा की थाली, कलश और अन्य पूजन सामग्री रखी हुई है। वीडियो में एक व्यक्ति पीले कपड़ों में पूजा करता नजर आ रहा है, जबकि आसपास कुछ लोग बैठे हुए हैं। कमरे की खिड़की, पंखा, पर्दे और लकड़ी की दीवारों से यह स्पष्ट होता है कि यह रेलवे के सैलून कोच के अंदर का दृश्य है।



रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ट्रेन नंबर 12926 से जुड़े सैलून कोच का वीडियो है, जिसे किसी सरकारी अधिकारी के लिए नहीं बल्कि मेसर्स दाना पानी, कन्नौज नाम की निजी कंपनी को IRCTC के माध्यम से व्यावसायिक बुकिंग नियमों के तहत किराए पर दिया गया था।



इस बुकिंग के लिए अनुरोध 8 जुलाई 2026 को प्राप्त हुआ था। नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद निजी पार्टी से 3,08,580 रुपये का भुगतान लिया गया। नॉर्दर्न रेलवे की ओर से इस व्यावसायिक यात्रा की जानकारी पहले ही जारी की गई थी।



वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अलग-अलग राय रखी। कुछ लोगों ने इसे भारतीय परंपरा से जोड़ते हुए सकारात्मक बताया और कहा कि धार्मिक गतिविधियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराना गलत नहीं है। वहीं, कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि रेलवे का सैलून कोच किस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।



कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति का इस्तेमाल निजी कार्यक्रमों के लिए करने से पहले नियमों और उद्देश्य की स्पष्टता जरूरी है। वहीं, दूसरे पक्ष के लोगों ने इसे रेलवे की अतिरिक्त आय बढ़ाने वाली व्यावसायिक पहल बताया। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और रेलवे के सैलून कोच की व्यावसायिक बुकिंग व्यवस्था को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।