1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 13, 2026, 1:52:47 PM
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Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य को टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने की दिशा में अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में अगले एक महीने यानी 14 अगस्त तक एक करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। इस अभियान में अब केवल स्वास्थ्यकर्मी ही नहीं, बल्कि एनसीसी कैडेट्स और ‘माय भारत’ स्वयंसेवक भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे, ताकि गांव-गांव और शहरों के वार्डों तक पहुंचकर अधिक से अधिक लोगों की जांच की जा सके।
सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि अब तक राज्य में केवल 16 लाख लोगों की ही टीबी स्क्रीनिंग हो सकी है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए अभियान को और गति देने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में 2 से 9 जुलाई तक चले विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस अवधि में संवेदनशील आबादी के 78,962 लोगों का एक्स-रे किया गया, जबकि 9,946 लोगों की एनएएटी (NAAT) जांच कराई गई। उपचार एवं रोकथाम अभियान के तहत 1,095 टीबी मरीजों का मूल्यांकन किया गया और 5,573 घरेलू संपर्कों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) से जोड़ा गया।
सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत 24,673 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता का भुगतान किया गया। वहीं निक्षय मित्र अभियान के माध्यम से 1,032 फूड बास्केट जरूरतमंद मरीजों के बीच वितरित किए गए। इसी अवधि में राज्यभर में 2,595 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार व्यवस्था से जोड़ा गया।
साप्ताहिक लक्ष्य प्राप्त करने में सहरसा (341%), अरवल (288%), मुजफ्फरपुर (274%), औरंगाबाद (258%) और शेखपुरा (239%) सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले रहे। वहीं बक्सर (17%), जमुई (25%), अररिया (29%), सीतामढ़ी (30%) और पश्चिम चंपारण (33%) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जिस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड और शहरी वार्ड के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। प्रत्येक नोडल अधिकारी की सहायता के लिए कम से कम पांच एनसीसी कैडेट और पांच ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की टीम बनाई जाएगी, ताकि घर-घर जाकर स्क्रीनिंग अभियान को तेज किया जा सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य में उपलब्ध 141 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों में से 133 मशीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक सक्रिय कर दी गई है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि टीएलडी बैज की खरीद प्रक्रिया दो सप्ताह के भीतर पूरी कर सभी मशीनों को फील्ड में संचालित किया जाए, ताकि एक्स-रे जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।