Railway Rules: रेल मंत्रालय ने ट्रेनों के अनारक्षित कोच में भीड़ और असुरक्षा की समस्या को कम करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक ट्रायल प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक अनारक्षित कोच में केवल 150 टिकट जारी करने का नियम लागू किया जा रहा है। ट्रायल के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। जो अगले तीन घंटे में चलने वाली ट्रेनों के लिए टिकट गिनेगा। यदि यह ट्रायल सफल रहा तो इसे देशभर में लागू किया जा सकता है।
मुख्य बातें
टिकट सीमा: प्रत्येक अनारक्षित कोच के लिए शुरुआती स्टेशन से अधिकतम 150 टिकट और बीच के स्टेशनों से 20% टिकट (लगभग 30 प्रति कोच) जारी होंगे। उदाहरण के लिए चार अनारक्षित कोच वाली ट्रेन के लिए अधिकतम 600 टिकट ही बिकेंगे।
सॉफ्टवेयर नियंत्रण: ट्रायल में सॉफ्टवेयर अगले तीन घंटे में चलने वाली ट्रेनों के लिए टिकटों की गणना करेगा। यदि सीमा पूरी हो जाती है तो टिकट बिक्री स्वतः बंद हो जाएगी, जैसा कि AC और स्लीपर कोच में होता है।
आपको याद होगा कि फरवरी 2025 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में 18 यात्रियों की मौत हुई थी। ऐसी घटनाएं फिर न हो इसलिए ऐसे कदम अब उठाए जा रहे हैं। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 57 के तहत कोच की क्षमता प्रदर्शित करने का नियम है लेकिन अनारक्षित टिकटों की असीमित बिक्री के कारण कोच में 400 से अधिक यात्री सफर करते हैं, जो कई मामलों में जोखिम भरा है।
बिहार जैसे राज्य में ऐसी योजनाओं की और भी ज्यादा जरुरत है। यहां त्योहार तो छोड़िए आम दिनों में भी अनारक्षित बोगियों की भीड़ यात्रियों के लिए तकलीफ भरी होती है। ऐसे में अगर सफलतापूर्वक इस योजना को धरातल पर उतारा जाए तो यह वाकई में एक शानदार और स्वागत योग्य कदम होगा।






