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Petrol price : 10 दिनों में तीसरी बार महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, फिर बढ़े दाम, आम जनता पर बढ़ा बोझ

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दामों से आम जनता पर महंगाई का दबाव बढ़ गया है। जानिए नई कीमतों और असर की पूरी खबर।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 23, 2026, 7:27:56 AM

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Bihar news - फ़ोटो Ai photo

Petrol price hiked : देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच ईंधन के दामों में हुई इस नई वृद्धि ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। दिल्ली के पेट्रोल पंप डीलरों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर जबकि डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतें लागू होने के बाद वाहन चालकों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।


पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है। इससे पहले इसी सप्ताह पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, कुछ दिन पहले ही तेल कंपनियां करीब 3 रुपए प्रति लीटर तक दाम बढ़ा चुकी थीं। लगातार हो रही इन बढ़ोतरीों से परिवहन खर्च बढ़ने की आशंका है, जिसका असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।


विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है। तेल विपणन कंपनियां इसी के आधार पर समय-समय पर कीमतों में बदलाव कर रही हैं। हालांकि आम उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को बिगाड़ दिया है।


राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में नई दरें लागू हो चुकी हैं। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोग नई कीमतों को लेकर चर्चा करते नजर आए। कई वाहन चालकों ने कहा कि बार-बार बढ़ रही कीमतों के कारण रोजाना यात्रा करना महंगा होता जा रहा है। खासकर नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है।


डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई की लागत भी बढ़ सकती है। इसका असर फल-सब्जियों, दूध, अनाज और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही लागत के कारण किराए और भाड़े में भी वृद्धि करनी पड़ सकती है।


वहीं विपक्षी दलों ने ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि महंगाई पहले से ही आम जनता की कमर तोड़ रही है और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से लोगों की परेशानियां और बढ़ेंगी। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक बाजार के दबाव के चलते कीमतों में बदलाव हो रहा है।


देश में ईंधन की कीमतें रोजाना समीक्षा के आधार पर तय की जाती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भी अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल लगातार तीसरी बार हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।