ब्रेकिंग
2025 बैच के 11 IAS अधिकारियों की जिलों में तैनाती, सहायक समाहर्ता और सहायक दंडाधिकारी बनाए गए जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी नालंदा में महिला से छेड़खानी के बाद पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार 2025 बैच के 11 IAS अधिकारियों की जिलों में तैनाती, सहायक समाहर्ता और सहायक दंडाधिकारी बनाए गए जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी नालंदा में महिला से छेड़खानी के बाद पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

नागरिकता संशोधन विधेयक बना कानून, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी

DELHI: संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह ब

नागरिकता संशोधन विधेयक बना कानून, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी
Khushboo Gupta
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DELHI: संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल अब कानून बन गया है. इससे पहले सोमवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को मतविभाजन के बाद पास कर दिया गया था.


इससे पहले विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया. इस कानून के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध तरीके से रहने वाले अप्रवासियों के लिए अपने निवास का कोई प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा. राज्यसभा में यह बिल 125 के मुकाबले 105 मतों से पास हुआ. वहीं लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 सांसदों ने वोट दिया जबकि 80 सांसदों ने इसके खिलाफ वोटिंग की थी. 


इस कानून के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं उन्हें 5 साल तक भारत में रहने के बाद भारत की नागरिकता दी जाएगी. अभी तक यह समय सीमा 11 साल की थी.


टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Khushboo Gupta

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें