ब्रेकिंग
Bihar News: भ्रष्ट DDC की संपत्ति होगी जब्त,... पत्नी बेटी के नाम पर बनाई थी अकूत प्रॉपर्टी, SVU ने दर्ज किया था DA केससीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाताबिहार के पेंशनधारियों के लिए अंतिम मौका: आज किसी हाल में कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो रूक जाएगा पैसाबिहार में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, श्रमिकों को अब मिलेंगे इतने पैसे; इस दिन से लागू होंगे नए दरBihar News: अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच पटना के 11 अंचलों में नए CO की प्रतिनियुक्ति,लिस्ट देखें...Bihar News: भ्रष्ट DDC की संपत्ति होगी जब्त,... पत्नी बेटी के नाम पर बनाई थी अकूत प्रॉपर्टी, SVU ने दर्ज किया था DA केससीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाताबिहार के पेंशनधारियों के लिए अंतिम मौका: आज किसी हाल में कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो रूक जाएगा पैसाबिहार में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, श्रमिकों को अब मिलेंगे इतने पैसे; इस दिन से लागू होंगे नए दरBihar News: अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बीच पटना के 11 अंचलों में नए CO की प्रतिनियुक्ति,लिस्ट देखें...

Malegaon Blast Case: मालेगांव ब्लास्ट केस में 17 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, साध्वी प्रज्ञा समेत सभी 7 आरोपी बरी

Malegaon Blast Case: मालेगांव बम धमाका मामले में 17 साल बाद NIA कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित समेत सभी 7 आरोपी बरी कर दिए गए हैं। जांच में खामियों के चलते सबूत साबित नहीं हो सके।

Malegaon Blast Case
© google
Mukesh Srivastava
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Malegaon Blast Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए बम धमाके के मामले में 17 साल बाद गुरुवार को एनआईए की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने इस मामले में मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया।


कोर्ट ने कहा कि सिर्फ शक के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जज ने फैसले में कहा कि जांच के दौरान कई गंभीर त्रुटियां और खामियां पाई गईं। विशेष अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि सरकारी पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि बम धमाका बाइक में हुआ था। पंचनामा प्रक्रिया भी ठीक से नहीं की गई थी।


जिस LML फ्रीडम बाइक का ज़िक्र हुआ, उसका चेसिस नंबर नहीं मिल पाया, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बाइक वास्तव में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की थी या नहीं। जांच एजेंसियों द्वारा किए गए अधिकतर दावे अदालत में साबित नहीं हो सके। कोर्ट ने इस मामले में मारे गए लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।


बता दें कि 29 सितंबर 2008 को हुए इस धमाके में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। ब्लास्ट उस वक्त हुआ जब लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे। अगले ही दिन, 30 सितंबर को मालेगांव के आजाद नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था।


शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में जांच एटीएस को सौंप दी गई। एटीएस की जांच में दावा किया गया कि धमाके में इस्तेमाल की गई बाइक साध्वी प्रज्ञा के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसके बाद साध्वी प्रज्ञा समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें