ब्रेकिंग
राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तारबिहार से आई हैरान करने वाली तस्वीर: गैस के लिए रातभर सड़कों पर सोने को मजबूर लोग, फिर भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडरबिहार में मेले के मंच पर भारी हंगामा, पूर्व मंत्री के सामने आर्केस्ट्रा डांसर्स के बीच जमकर मारपीट; वीडियो हुआ वायरलसीएम आवास में हलचल हुई तेज: नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं के साथ की अहम बैठक, बिहार में पक रही कौन सी सियासी खिचड़ी?राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तारबिहार से आई हैरान करने वाली तस्वीर: गैस के लिए रातभर सड़कों पर सोने को मजबूर लोग, फिर भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडरबिहार में मेले के मंच पर भारी हंगामा, पूर्व मंत्री के सामने आर्केस्ट्रा डांसर्स के बीच जमकर मारपीट; वीडियो हुआ वायरलसीएम आवास में हलचल हुई तेज: नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं के साथ की अहम बैठक, बिहार में पक रही कौन सी सियासी खिचड़ी?

India Mango Exports: भारत से आम खरीदने वाले देश, लिस्ट में यह मुस्लिम मुल्क़ सबसे आगे

India Mango Exports: भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है। जहां आमों का करीब 40% वैश्विक उत्पादन होता है। आखिर कौन सा देश यहां से करता है सबसे ज्यादा आमों का निर्यात?

India Mango Exports
प्रतीकात्मक
© Meta
Deepak KumarDeepak Kumar|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

India Mango Exports: भारत एक ऐसा देश है जो वैश्विक आम उत्पादन का 40% हिस्सा पैदा करता है। जो कि लगभग 25 मिलियन टन है। भारतीय आमों की मिठास, खुशबू और विविधताओं ने इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहद लोकप्रिय बनाया है। इनमें शामिल हैं दशहरी, अल्फांसो, केसर इत्यादि आमों की किस्में।


2023-24 में भारत ने 32,104.09 मीट्रिक टन आम निर्यात किए थे। जिनका मूल्य 60.14 मिलियन डॉलर था। अब जानने योग्य बात यह है कि भारत अपने आम किन-किन देशों को भेजता है और इस लिस्ट में शीर्ष पर कौन सा देश है।


संयुक्त अरब अमीरात 

2023-24 में UAE ने भारत से सबसे ज्यादा आम खरीदे। करीब 15,336 मीट्रिक टन। मजबूत व्यापारिक रिश्ते, बड़ी दक्षिण एशियाई आबादी, और रमजान व ईद के दौरान बढ़ी मांग ने UAE को भारत का सबसे बड़ा आम निर्यात बाजार बनाया। अल्फांसो और केसर जैसे प्रीमियम आम यहां खासतौर पर पसंद किए जाते हैं।


अन्य प्रमुख आयातक देश (2023-24)

ब्रिटेन : 4,706.2 मीट्रिक टन। भारतीय मूल की आबादी और सांस्कृतिक उत्सवों के कारण अल्फांसो और केसर आमों की मांग यहां अधिक है।


नेपाल: 3,106.5 मीट्रिक टन। भारत के साथ खुली सीमा और किफायती कीमतों के कारण नेपाल में दशहरी और अन्य आम बेहद लोकप्रिय हैं।


अमेरिका: 2,113.4 मीट्रिक टन। सख्त फाइटोसैनिटरी नियमों के तहत इस देश में इर्रेडिएशन-प्रमाणित आमों की मांग काफी ज्यादा है। भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बहुत बड़ी जनसँख्या भी इन आमों के USA में बढ़ती लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है।


कतर: 1,304.2 मीट्रिक टन। बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी और वहां के सांस्कृतिक उत्सव इस देश में भारतीय आम की मांग को काफी बढ़ा देते हैं।


कुवैत: 964 मीट्रिक टन। भारत के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्तों के कारण यहां के स्थानीय बाजारों में भारतीय आमों की अच्छी-खासी मांग है।


ओमान: भारतीय आमों का एक महत्वपूर्ण आयातक देश, खासकर दशहरी और केसर आमों की यहां के लोगों में अलग ही दीवानगी है।


कनाडा: भारतीय समुदाय की बड़ी संख्या और प्रीमियम आमों की मांग के कारण आयात बढ़ रहा है। भारत इन पर पूरी तरह खड़ा भी उतर रहा और इस देश को शिकायत का मौका नहीं देता। खासकर आमों के मामले में।


भूटान: भारत से निकटता और व्यापारिक सुगमता के कारण आमों का आयात इस देश में भी खूब होता है।


बहरीन: 473.6 मीट्रिक टन। भारतीय समुदाय की अच्छी-खासी मौजूदगी और मांग इस देश को भी भारतीय आमों का एक स्थिर आयातक बनाती है।

इस खबर के बारे में
Deepak Kumar

रिपोर्टर / लेखक

Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें