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EPFO की नई एमनेस्टी स्कीम लागू, जानिए किन संस्थानों को मिलेगा फायदा, कौन उठा सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन

EPFO ने PF ट्रस्टों के लिए 6 महीने की नई एमनेस्टी स्कीम 2026 शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र संस्थानों को अपने पीएफ ट्रस्ट की स्थिति नियमित करने का एक विशेष अवसर मिलेगा। कौन इस योजना का लाभ उठा सकता है और आवेदन की प्रक्रिया क्या है, जानिए पूरी खबर.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 12, 2026, 4:25:30 PM

EPFO की नई एमनेस्टी स्कीम लागू, जानिए किन संस्थानों को मिलेगा फायदा, कौन उठा सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन

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EPFO Amnesty Scheme 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ ट्रस्ट संचालित करने वाले संस्थानों के लिए बड़ी राहत देते हुए ‘एमनेस्टी स्कीम 2026’ लागू कर दी है. यह योजना छह महीने तक प्रभावी रहेगी और इसका उद्देश्य ऐसे छूट प्राप्त (Exempted) पीएफ ट्रस्टों को एकमुश्त अवसर देना है, जो अब तक अपनी कानूनी स्थिति को पूरी तरह नियमित नहीं करा सके हैं. इस योजना के तहत पात्र संस्थान निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर अपने ट्रस्ट की स्थिति को नियमित करा सकेंगे.


श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, यह योजना 29 जून 2026 को अधिसूचित की गई थी. इसके तहत आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त ऐसे Exempted PF Trusts शामिल होंगे, जिनके पास केंद्र या राज्य सरकार की ओर से जारी औपचारिक छूट अधिसूचना (Exemption Notification) उपलब्ध नहीं है. ऐसे संस्थानों को अब बिना अतिरिक्त कानूनी जटिलताओं के अपनी स्थिति नियमित कराने का अवसर मिलेगा.


मंत्रालय ने नियोक्ताओं, संस्थानों और अन्य हितधारकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है. विभाग का कहना है कि यह एक बार मिलने वाला विशेष अवसर है, इसलिए पात्र संस्थान निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन अवश्य करें.


इस योजना का लाभ उन संस्थानों को मिलेगा, जिन्होंने पहले से Non-Exempted Establishment के रूप में नियमों का पालन शुरू कर दिया है या आगे इसी श्रेणी में कार्य करने का विकल्प चुना है. इसके अलावा, वे संस्थान भी पात्र होंगे जो अपने ट्रस्ट को पूर्व प्रभाव से नियमित कराकर Code of Social Security, 2020 के तहत Exempted Establishment के रूप में कार्य जारी रखना चाहते हैं.


EPFO ने बताया कि योजना के तहत ट्रस्ट के गठन की तिथि से निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक छूट की स्थिति और ट्रस्ट की मान्यता पर विचार किया जाएगा. इस दौरान न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या और कॉर्पस फंड जैसी कुछ शर्तों में भी राहत दी गई है. साथ ही, तीन वर्ष तक पूर्व अनुपालन (Compliance) की शर्त को पूरा माना जाएगा.


योजना के तहत यदि संबंधित संस्थान यह सुनिश्चित करते हैं कि कर्मचारियों के खातों में कानून के अनुसार या उससे अधिक दर से अंशदान और ब्याज जमा किया गया है, तो बकाया राशि, हर्जाना (Damages) और ब्याज से जुड़े लंबित मूल्यांकन (Assessment) को वापस लेकर समाप्त माना जाएगा. इसके अलावा, पहले से पारित कुछ अंतिम आदेशों को भी प्रारंभ से ही अमान्य माना जा सकता है, बशर्ते योजना की सभी शर्तों का पालन किया गया हो.


EPFO ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र संस्थानों को केंद्र सरकार के नाम औपचारिक आवेदन देना होगा. आवेदन संबंधित क्षेत्रीय EPFO कार्यालय को ईमेल के माध्यम से भेजा जा सकेगा. विभाग ने सभी पात्र संस्थानों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, क्योंकि यह योजना केवल छह महीने तक ही प्रभावी रहेगी.