1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 08, 2026, 6:01:41 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Driving License New Rules: देश के करोड़ों वाहन मालिकों और ड्राइवरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन संबंधी सेवाओं को लेकर बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है। सरकार का उद्देश्य लोगों को RTO कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और पूरी प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत नया ड्राइविंग लाइसेंस धारक की 50 वर्ष की आयु तक वैध रह सकता है। वर्तमान में अधिकांश मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस 20 वर्षों के लिए जारी किया जाता है, जिसके बाद उसे नवीनीकृत कराना पड़ता है।
सड़क परिवहन मंत्रालय का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने पर लोगों को बार-बार लाइसेंस रिन्यूअल की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और कागजी कार्यवाही भी कम होगी। सरकार वाहन स्वामित्व हस्तांतरण (Vehicle Ownership Transfer) और परमिट नवीनीकरण जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में काम कर रही है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो पुरानी गाड़ी खरीदने या बेचने के बाद नामांतरण के लिए RTO कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वाहन मालिक मोबाइल फोन या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे।
इन प्रस्तावित बदलावों को लेकर कुछ राज्यों ने राजस्व प्रभावित होने की आशंका जताई थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और अन्य सेवाओं से जुड़ी फीस ऑनलाइन माध्यम से पहले की तरह वसूली जाती रहेगी। इस व्यवस्था में केवल प्रक्रिया का स्वरूप बदलेगा, जबकि शुल्क संग्रहण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक नई निगेटिव मार्किंग प्रणाली लागू करने पर भी विचार कर रही है। इस व्यवस्था के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों के खाते में निगेटिव अंक जोड़े जाएंगे। यदि किसी चालक के खिलाफ निर्धारित सीमा से अधिक निगेटिव पॉइंट्स जमा हो जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित या स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेंगी, जबकि लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी नियंत्रण भी स्थापित किया जा सकेगा।