Earthquake: दिल्ली-NCR में शुक्रवार, 3 अप्रैल की रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में धरती हिली। पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान के लोग भी झटके महसूस कर डर गए और कई लोग घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है।
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वत में था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई। केंद्र का स्थान 36.52 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71.01 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था, और गहराई 175 किलोमीटर दर्ज की गई। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में झटके करीब 10-15 सेकेंड तक महसूस किए गए।
भूकंप के झटके भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान में महसूस किए गए। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों और तिब्बत में भी शाम 8 बजकर 12 मिनट पर झटके आए, जिसकी तीव्रता तिब्बत में 3.2 मापी गई। अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में भूकंप आने के बाद उत्तर भारत के कई हिस्सों में झटके महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अभी तक किसी तरह के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
बता दें कि भूकंप पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना या कांपना है। यह मुख्य रूप से प्लेट टेक्टॉनिक्स के सिद्धांत से जुड़ा होता है। पृथ्वी की बाहरी परत (स्थलमंडल या लिथोस्फीयर) कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें साल में कुछ सेंटीमीटर की दर से खिसकती रहती हैं।
प्लेटों के किनारे फ्रिक्शन (घर्षण) के कारण जब तनाव बहुत बढ़ जाता है और चट्टानें उसे सहन नहीं कर पातीं, तो वे अचानक टूटती या खिसकती हैं। इस प्रक्रिया से उत्पन्न ऊर्जा भूकंपीय तरंगें बनाती है, जो सतह पर कंपन पैदा करती हैं।



