1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 16, 2026, 4:12:27 PM
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Chatgpt New Update: टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रह गया है। OpenAI का चर्चित चैटबॉट ChatGPT अब इंसानों की भावनाओं को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। कंपनी एक ऐसा नया फीचर विकसित कर रही है, जो न सिर्फ आपकी बातों को समझेगा बल्कि जरूरत पड़ने पर आपके किसी करीबी को अलर्ट भी कर देगा। इस फीचर का नाम है ‘ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट’।
कैसे बदल रहा है लोगों का व्यवहार
आज के दौर में लोग अपनी परेशानियां, तनाव और निजी भावनाएं अक्सर किसी इंसान से ज्यादा एक चैटबॉट से साझा करने लगे हैं। कई बार ऐसा होता है कि लोग अपने दिल की बात खुलकर किसी दोस्त या परिवार वाले से नहीं कह पाते, लेकिन ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म पर आसानी से लिख देते हैं। इसी बदलते व्यवहार को ध्यान में रखते हुए OpenAI ने यह नया कदम उठाया है।
क्या है ‘ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट’ फीचर
इस फीचर के तहत यूजर को यह सुविधा मिलेगी कि वह पहले से ही किसी भरोसेमंद व्यक्ति को चुन सके। यह कोई दोस्त, परिवार का सदस्य या कोई करीबी हो सकता है। अगर बातचीत के दौरान ChatGPT को लगे कि यूजर किसी गंभीर मानसिक तनाव या मुश्किल स्थिति से गुजर रहा है, तो वह तुरंत उस चुने गए व्यक्ति को एक अलर्ट भेज देगा। यानी बिना यूजर को कुछ कहे, AI खुद एक तरह से मदद के लिए संकेत भेज देगा।
कैसे करेगा काम
यह सिस्टम बहुत ही एडवांस तरीके से काम करेगा। ChatGPT यूजर की भाषा, शब्दों के चुनाव और बातचीत के पैटर्न को ध्यान से समझेगा। अगर बातचीत में ऐसे संकेत मिलते हैं, जो बताते हैं कि व्यक्ति परेशान है या किसी गंभीर स्थिति में है, तो सिस्टम तुरंत एक्टिव हो जाएगा। इसके बाद ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट को नोटिफिकेशन भेज दिया जाएगा ताकि वह समय रहते उस व्यक्ति से संपर्क कर सके।
विशेषज्ञों की मदद से तैयार हो रहा फीचर
OpenAI इस फीचर को विकसित करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अलग-अलग संस्थाओं के साथ काम कर रहा है। कंपनी चाहती है कि यह फीचर बेहद संवेदनशील और जिम्मेदारी के साथ काम करे, ताकि किसी भी स्थिति में यूजर को नुकसान न पहुंचे और सही समय पर सही मदद मिल सके।
क्यों जरूरी पड़ा यह कदम
दरअसल, पिछले कुछ समय में यह देखा गया है कि AI चैटबॉट्स लोगों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। लोग घंटों तक इनसे बात करते हैं, अपनी निजी समस्याएं शेयर करते हैं और कई बार भावनात्मक रूप से इन पर निर्भर भी हो जाते हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि AI सिर्फ जवाब देने तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षा का काम भी करे।
प्राइवेसी को लेकर क्या हैं सवाल
हालांकि, इस फीचर को लेकर प्राइवेसी को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। कई लोग ChatGPT को एक निजी स्पेस मानते हैं, जहां वे बिना किसी डर के अपनी बात कह सकते हैं। ऐसे में अगर उनकी बातचीत के आधार पर किसी तीसरे व्यक्ति को जानकारी भेजी जाती है, तो यह चिंता का विषय बन सकता है।
लेकिन OpenAI ने साफ किया है कि यह फीचर पूरी तरह से यूजर की मर्जी पर आधारित होगा। जब तक यूजर खुद इसे ऑन नहीं करेगा और किसी को ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट के रूप में नहीं चुनेगा, तब तक यह फीचर काम नहीं करेगा।
और कौन-कौन से सेफ्टी फीचर्स आएंगे
इसके अलावा कंपनी और भी कई सुरक्षा फीचर्स पर काम कर रही है। जैसे कि अगर कोई यूजर बहुत लंबे समय तक लगातार चैट कर रहा है, तो उसे ब्रेक लेने की सलाह दी जाएगी। संवेदनशील बातचीत के लिए ज्यादा एडवांस AI मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि जवाब और ज्यादा समझदारी भरे और सुरक्षित हों। जरूरत पड़ने पर यूजर को हेल्पलाइन या प्रोफेशनल मदद की जानकारी भी दी जा सकेगी।
क्या बदल जाएगा आगे
यह फीचर एक तरह से AI को एक नई भूमिका में लेकर आता है। अब यह सिर्फ एक डिजिटल असिस्टेंट नहीं रहेगा, बल्कि एक ऐसा साथी बन सकता है जो आपकी भावनाओं को समझे और मुश्किल समय में चुपचाप आपकी मदद के लिए सही लोगों तक संकेत पहुंचाए।
अगर यह फीचर सफल होता है, तो आने वाले समय में AI का इस्तेमाल और भी ज्यादा जिम्मेदार और इंसानी जरूरतों के करीब हो जाएगा। ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म न सिर्फ हमारी जानकारी बढ़ाने में मदद करेंगे, बल्कि हमारी सुरक्षा और मानसिक स्थिति का भी ख्याल रखेंगे।