Hindi News / india / ATM से कैश नहीं निकला, लेकिन खाते से कट गए पैसे... महिला ने...

ATM से कैश नहीं निकला, लेकिन खाते से कट गए पैसे... महिला ने कोर्ट का खटखटाया दरवाज़ा, बैंक पर लगा भारी जुर्माना

अगर एटीएम से कैश नहीं निकले लेकिन खाते से पैसे कट जाएं, तो अब ग्राहकों के पास बड़ा कानूनी सहारा है। दिल्ली की एक महिला ने बैंक के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़कर न सिर्फ अपने पैसे वापस पाए, बल्कि अदालत ने बैंक पर जुर्माना भी लगाया। जानिए क्या है पूरा मामला और

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 24, 2026, 2:32:46 PM

ATM से कैश नहीं निकला, लेकिन खाते से कट गए पैसे... महिला ने कोर्ट का खटखटाया दरवाज़ा, बैंक पर लगा भारी जुर्माना

- फ़ोटो

अगर आपके साथ कभी ऐसा हो जाए कि एटीएम से पैसे निकालने जाएं, लेकिन मशीन से कैश न निकले और खाते से रकम कट जाए, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। दिल्ली की एक महिला ने इसी तरह की परेशानी के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार उपभोक्ता अदालत से इंसाफ हासिल किया। अदालत ने सरकारी बैंक को ग्राहक के पैसे लौटाने के साथ मुआवजा और केस का खर्च देने का आदेश दिया है। इस फैसले को आम बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।


दरअसल, यह मामला दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में रहने वाली चंदा नाम की महिला से जुड़ा है। 26 मई 2022 को उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने की कोशिश की थी। ट्रांजैक्शन के दौरान मशीन से पैसे बाहर नहीं आए, लेकिन उनके मोबाइल पर खाते से 10 हजार रुपये कटने का मैसेज आ गया। चंदा का बैंक खाता बैंक ऑफ इंडिया में था।


पैसे कटने के बाद उन्होंने बैंक में शिकायत दर्ज कराई। 7 जून 2022 को लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन कई बार बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी रकम वापस नहीं की गई। बैंक की तरफ से लगातार टालमटोल किया जाता रहा। आखिरकार परेशान होकर उन्होंने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया।


मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग ने बैंक की लापरवाही को गंभीर माना। आयोग के अध्यक्ष दिव्य ज्योति जयपुरियार और सदस्य रश्मि बंसल की बेंच ने कहा कि आरबीआई के नियम साफ बताते हैं कि अगर एटीएम ट्रांजैक्शन फेल हो जाए और खाते से पैसा कट जाए, तो बैंक को तय समय के भीतर ग्राहक के खाते में रकम वापस करनी होगी। ऐसा नहीं करना “सेवा में कमी” माना जाएगा।


अदालत ने यह भी कहा कि बैंक ग्राहकों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। हैरानी की बात यह रही कि जब अदालत की तरफ से बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया दोनों को नोटिस भेजा गया, तब भी किसी बैंक प्रतिनिधि ने कोर्ट में पहुंचकर अपना पक्ष नहीं रखा। इसके बाद अदालत ने एकतरफा फैसला सुनाते हुए महिला के पक्ष में आदेश जारी कर दिया।


कोर्ट ने बैंक को निर्देश दिया कि ग्राहक के 10 हजार रुपये लौटाए जाएं। इसके साथ ही मानसिक परेशानी और कानूनी लड़ाई के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाए। इस फैसले के बाद बैंकिंग सेवाओं को लेकर ग्राहकों के अधिकार एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।


दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एटीएम ट्रांजैक्शन को लेकर पहले से ही सख्त नियम बनाए हुए हैं। नियमों के मुताबिक, अगर एटीएम से पैसा नहीं निकलता लेकिन खाते से रकम कट जाती है, तो बैंक को पांच दिनों के भीतर ग्राहक के खाते में पैसा वापस करना होता है। इसे ऑटो रिवर्सल प्रक्रिया कहा जाता है।


अगर बैंक तय पांच दिनों के अंदर पैसा वापस नहीं करता, तो छठे दिन से ग्राहक को हर दिन 100 रुपये के हिसाब से मुआवजा देने का नियम है। खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहक को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। यह उसका अधिकार माना जाता है।


विशेषज्ञों का कहना है कि आज डिजिटल बैंकिंग और एटीएम ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में कई बार तकनीकी खराबी या नेटवर्क समस्या की वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाते हैं। लेकिन कई ग्राहक जानकारी के अभाव में बैंक के चक्कर लगाते रहते हैं और उन्हें समय पर राहत नहीं मिल पाती। ऐसे मामलों में आरबीआई के नियम ग्राहकों को मजबूत कानूनी सुरक्षा देते हैं।


अगर आपके साथ भी कभी ऐसी घटना हो जाए, तो सबसे पहले एटीएम की रसीद या मोबाइल मैसेज का स्क्रीनशॉट संभालकर रखें। इसके बाद तुरंत बैंक के कस्टमर केयर या शाखा में शिकायत दर्ज कराएं और शिकायत नंबर जरूर लें। अगर तय समय के अंदर बैंक पैसा वापस नहीं करता, तो आप बैंकिंग लोकपाल या उपभोक्ता अदालत में शिकायत कर सकते हैं।