Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया पर पटना से लेकर दिल्ली तक लगातार निगरानी रखी। कुल 45,341 बूथों पर सुबह छह बजे से ही लाइव वेबकास्टिंग शुरू कर दी गई थी। मॉक पोल के बाद जैसे ही वास्तविक मतदान प्रारंभ हुआ, सभी बूथों की लाइव कवरेज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय में बने नियंत्रण एवं कमांड सेंटर पर प्रदर्शित होने लगी।
कमांड सेंटर में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था। वहीं, उसके ठीक ऊपर बने राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम में फोन, फैक्स और अन्य संचार माध्यमों से सभी जिलों की मतदान प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जा रही थी। शिकायतें मिलने पर अधिकारियों ने तुरंत संबंधित निर्वाची पदाधिकारियों और जिलाधिकारियों से संपर्क साधा और आवश्यक निर्देश जारी किए।
सुबह नौ बजे तक पहले दो घंटे के मतदान प्रतिशत को “वोटर टर्न आउट ऐप” पर अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी की गई। यह कार्य पूरे दिन चलता रहा। हालांकि, करीब 500 मतदान केंद्रों से मोबाइल ऐप लिंक न जुड़ पाने की सूचना मिली, जिसके बाद संबंधित जिलों के निर्वाची पदाधिकारियों को फिर से ऐप अपलोड कर डेटा भेजने के निर्देश दिए गए।
राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्ष में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अमित पांडेय, प्रशांत सीएच और माधव कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया में तकनीक का व्यापक उपयोग किया। हर मतदान केंद्र से वेबकास्टिंग के जरिये लाइव मॉनिटरिंग की गई, जिससे किसी भी अनियमितता या गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। आयोग की सख्ती और सतर्कता का असर यह रहा कि पहले चरण में अधिकतर जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा।
वैशाली जिले में एक मतदाता द्वारा ईवीएम की फोटो लेकर सोशल मीडिया पर डालने की शिकायत मिली, जिस पर संबंधित जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया गया। वहीं, लखीसराय में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर गोबर फेंके जाने की घटना की भी पुष्टि हुई, लेकिन मतदान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।
सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय से डीजीपी विनय कुमार और वरिष्ठ अधिकारी लगातार सभी जिलों से अपडेट लेते रहे। पुलिस कंट्रोल रूम और जिला स्तर के कंट्रोल रूम के बीच लगातार समन्वय बना रहा। चुनाव के दौरान हिंसा, उपद्रव और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की गई।
डीजीपी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव से जुड़ी घटनाओं में अब तक 1647 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 16 वाहन जब्त किए गए हैं। सारण, दरभंगा, वैशाली, सहरसा, पटना और सीवान जिलों से छिटपुट झड़पों की सूचना मिली, जिन पर स्थानीय प्रशासन ने तुरंत नियंत्रण पा लिया।
लखीसराय में डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और रिपोर्ट दी कि मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रही। वहीं, सारण के मांझी, दरभंगा और वैशाली में राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच कहासुनी की कुछ घटनाएं सामने आईं, लेकिन किसी बड़ी हिंसा की सूचना नहीं है।
गांवों से लेकर शहरों तक मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे और दोपहर तक बड़ी संख्या में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले चरण में मतदान प्रतिशत संतोषजनक रहा और शाम तक मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्वक मतदान पूरा हुआ।





