1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 21, 2026, 10:58:40 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI
Bihar Crime News: बिहार के कटिहार सहित सीमांचल के जिलों में आतंकी संगठनों द्वारा स्लीपर सेल को सक्रिय करने की साजिश की आशंका सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, कम उम्र के युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें विध्वंसक गतिविधियों में शामिल करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, आतंकी संगठन बिहार-बंगाल सीमा क्षेत्र को अपना नया बेस बनाने की कोशिश कर रहे हैं और सीमावर्ती इलाकों में युवाओं की भर्ती की जा रही है। खासकर वे युवा, जो काम की तलाश में महानगरों में जाते हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। चंद पैसों का लालच देकर न केवल उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किया जाता है, बल्कि उनके बैंक खातों के जरिए टेरर फंडिंग भी की जाती है।
चार दिन पहले मनिहारी थाना क्षेत्र के नवाबगंज बालू टोला निवासी मो. सोहेल की दिल्ली पुलिस स्पेशल ब्रांच द्वारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है और उसके स्थानीय नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, आतंकी संगठनों की नजर इस्लामपुर से सिलीगुड़ी के बीच स्थित “चिकेन नेक” गलियारे पर भी है। इसे रणनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश की आशंका जताई जा रही है। यह भी सामने आया है कि सीमांचल के जिलों को आतंकी संगठन ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं, जिनमें किशनगंज और कटिहार प्रमुख हैं।
पहले भी टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए द्वारा बारसोई क्षेत्र में छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें एक स्थानीय मदरसा से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आया था। सुरक्षा एजेंसियां लगातार इन नेटवर्क्स पर नजर बनाए हुए हैं। एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी इनपुट पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।