Bihar Crime News: बिहार के रोहतास जिले में 11 साल पुराने हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। रोहतास के जिला जज-10 उमेश राय की अदालत ने सोमवार को सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।
जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। दोषियों में कोचस थाना क्षेत्र के छितनडिहरा गांव निवासी रंगीला पाल, रविंद्र पाल, वीरेंद्र पाल, योगेंद्र पाल, राजेंद्र पाल, रमेश पाल और उमेश पाल शामिल हैं। मामला 16 सितंबर 2014 की है।
जानकारी के मुताबिक, रात करीब आठ बजे मृतक के पुत्र ओमप्रकाश पाल ने कोचस थाने में इस घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। फर्दबयान में उन्होंने बताया था कि उनके पिता अंबिका पाल खाना खाने के बाद दालान में सोने जा रहे थे। उसी दौरान जमीन विवाद को लेकर आरोपियों ने उन पर लाठी, डंडा, टांगी और पत्थर से हमला कर दिया।
हमले के बाद शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से अंबिका पाल को इलाज के लिए कोचस पीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें वाराणसी रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
अपर लोक अभियोजक राज किशोर विश्वकर्मा ने बताया कि ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाहों की गवाही कराई गई थी। वहीं साक्ष्य के अभाव में अदालत ने दुलारी कुंवर को बरी कर दिया।




