1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 21, 2026, 10:26:24 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI
Cyber Fraud: राजकोट में 2500 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस ने हाल ही में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या 20 हो गई है।
राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर के अनुसार, पाधाधरी स्थित यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कामानी, जामनगर स्थित एक्सिस बैंक के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के पर्सनल बैंकर अनुराग बाल्धा को इस रैकेट में कथित भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया है कि मौलिक कामानी ने पहले से गिरफ्तार आरोपियों को संदिग्ध बैंक खाते खोलने और उन्हें संचालित करने में मदद की। उसने विभिन्न दस्तावेजों के जरिए खातों को सक्रिय रखा, जिससे बड़े लेन-देन के दौरान बैंक अलर्ट सिस्टम को चकमा दिया जा सके। वहीं, कल्पेश डांगरिया पर फर्जी पहचान के जरिए खाते खुलवाने का आरोप है, जबकि अनुराग बाल्धा ने वेरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर नए खाते खोलने में सहयोग किया।
तीनों आरोपी खातों से नकदी निकालने और उसे हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजने में भी शामिल थे। फिलहाल सभी को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं। अब तक पुलिस इस रैकेट से जुड़े 85 बैंक खातों की पहचान कर चुकी है और साइबर क्राइम पोर्टल पर 535 शिकायतें दर्ज की गई हैं। मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।