Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आश्रम घाट नदी किनारे स्थित नाले से एक महिला का शव बोरे में बंद अवस्था में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर सिकंदरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद टाउन SDPO वन सुरेश कुमार और सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
पुलिस ने महिला की पहचान शरीर पर बने टैटू के आधार पर फूलों देवी के रूप में की है। शव की स्थिति बेहद निर्मम थी, पहचान छुपाने के उद्देश्य से महिला का चेहरा कुचला हुआ पाया गया। पूरे शरीर पर चोट के कई निशान भी मौजूद थे।
मृतका के भाई शिवनाथ साह ने आरोप लगाया कि फूलों देवी 22 जनवरी से लापता थी। काफी खोजबीन के बाद 25 जनवरी को सिकंदरपुर थाना में गुमशुदगी का आवेदन दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि फूलों देवी के पति संतोष साह ने ही दहेज और बेटे की मांग को लेकर उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगाया है।
फूलों देवी की शादी करीब 15 वर्ष पूर्व सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के शिवनगर निवासी संतोष साह से हुई थी। संतोष मुजफ्फरपुर के बालूघाट इलाके में किराये के मकान में रहकर भुजा और बादाम बेचने का काम करता था। दंपती की एक 9 वर्षीय बेटी है, जबकि तीन बेटियों की जन्म के समय ही मृत्यु हो चुकी थी। बेटे की मांग को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था।
इस मामले में सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी ने बताया कि आश्रम घाट से बरामद महिला का शव फूलों देवी का है, जो अपने पति के साथ बालूघाट क्षेत्र में किराये के मकान में रहती थी। प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। महिला की पहचान टैटू के आधार पर की गई है।
पहचान छुपाने के लिए चेहरे को क्षतिग्रस्त किया गया था। पुलिस ने गुमशुदगी आवेदन को भी संज्ञान में लिया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपित पति की भूमिका की जांच की जा रही है।





