Hindi News / crime / बिहार के यूनिवर्सिटी हॉस्टल से कारतूस तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, 200...

बिहार के यूनिवर्सिटी हॉस्टल से कारतूस तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, 200 गोलियों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर के BRABU हॉस्टल से 200 जिंदा कारतूस बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया है. हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे दो तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 12, 2026, 5:17:49 PM

Bihar Crime News

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहकर कारतूसों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 200 जिंदा कारतूसों के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिवान निवासी अभिषेक तिवारी और सीतामढ़ी निवासी अनमोल कुमार के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि दोनों तस्कर यूनिवर्सिटी परिसर के ‘पीजी थर्ड’ हॉस्टल के कमरा नंबर 54 और 55 में अवैध रूप से रह रहे थे और छात्रों के बीच छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।


पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान दोनों तस्कर अपनी बुलेट बाइक से कारतूसों की बड़ी खेप लेकर हॉस्टल लौट रहे थे। इसी दौरान काजी मोहम्मदपुर थानाध्यक्ष नवलेश कुमार ने टीम के साथ कलमबाग-खबरा रोड पर घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। हॉस्टल से भारी मात्रा में कारतूसों की बरामदगी ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 


बता दें कि पिछले कुछ दिनों से विश्वविद्यालय का माहौल पहले से ही तनावपूर्ण है। कुलपति के कुछ फैसलों के विरोध में छात्र पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे हैं। हाल ही में कुलपति आवास पर बम फेंके जाने की घटना भी सामने आई थी, जिसकी जांच जारी है। ऐसे में हॉस्टल से 200 जिंदा गोलियों की बरामदगी किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि कारतूसों की यह खेप किसे सप्लाई की जानी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन गोलियों का संबंध विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध प्रदर्शन या कुलपति आवास पर हुए हमले से है। इस घटना के बाद सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर बाहरी लोग हॉस्टल में अवैध रूप से कैसे रह रहे थे और प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी।