Bihar Crime News: जमुई के चर्चित पत्रकार गोकुल हत्याकांड में आज न्यायालय से बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। एडीजे-7 न्यायालय के न्यायाधीश अमरेंद्र कुमार की अदालत में चल रहे सेशन ट्रायल संख्या 97/23 में आरोपी बीरबल यादव, मुनेश्वर यादव, अजय यादव, पंकज यादव, योगेंद्र यादव एवं सरफराज अंसारी को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार, पत्रकार गोकुल कुमार 10 अगस्त 2022 को दिन के करीब 10:30 बजे खबर संकलन के लिए घर से निकले थे। गांव से कुछ ही दूरी पर पहले से घात लगाए आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उनकी मौके पर ही निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरे जमुई जिले समेत राज्यभर के पत्रकार जगत में भारी आक्रोश फैल गया था।
कोर्ट के इस फैसले के बाद पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों में संतोष और राहत की भावना देखी जा रही है। पीड़ित परिवार के साथ-साथ विभिन्न पत्रकार संगठनों ने न्यायालय और न्यायाधीश अमरेंद्र कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है। संगठनों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ गोकुल कुमार के परिवार के लिए न्याय है, बल्कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए भी एक मजबूत संदेश है।
पत्रकार संगठनों ने कहा कि सत्य की आवाज को दबाने की कोशिश करने वालों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और आज का यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही संगठनों ने राज्य सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
पीड़ित परिवार ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि पत्रकार गोकुल कुमार को आज सच्चे अर्थों में न्याय मिला है और यह फैसला भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।
वहीं जमुई सिविल कोर्ट के सरकारी अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह आजाद ने कहा कि माननीय न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्ट, आधिकारिक दस्तावेजों और सभी गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।


