1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jul 03, 2026, 1:10:08 PM
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Bihar News: बिहार के सबसे बड़े टेंडर घोटाले में आईएएस से लेकर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बेनकाब हुए हैं. कथित दलाल रिशुश्री के साथ मिलकर अधिकारियों ने सरकारी खजाने को लुटा . खुलासे के बाद कार्रवाई शुरू हुई है. विशेष निगरानी इकाई ने रिश्रुश्री के अलावे तीन अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वहीं आईएएस अफसर संजीव हंस फरार बताये जा रहे हैं. जेल भेजे जाने के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुमुक्ष चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया है.
करप्शन केस दर्ज होने के बाद भी नहीं हुए थे निलंबित..जेल जाने के बाद हुए सस्पेंड
सामान्य प्रशासन विभाग के 1 जुलाई 2026 के संकल्प में कहा गया है कि निगरानी विभाग ने 2 फरवरी 2026 को वित्त विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव मुमुक्ष कुमार चौधरी के बारे में जानकारी दी थी. जिसमें कहा गया था की विशेष निगरानी इकाई ने इनके खिलाफ 20 नवंबर 2025 को कांड संख्या- 24/ 2025 दर्ज किया है. वहीं 11 जून 2026 को मीडिया से ज्ञात हुआ कि मुमुक्ष कुमार चौधरी एवं अन्य दो अभियुक्तों को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा गया. ऐसे में इन्हें जेल जाने की तिथि से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है. बता दें, ठेकेदार रिशुश्री,आईएएस संजीव हंस की जांच के दौरान ED ने मुमुक्ष कुमार चौधरी के ठिकानों की भी तलाशी ली थी. इस दौरान इनके आवास से 2 करोड़ रू बरामद किए गए थे. जिसके बाद विशेष निगरानी इकाई में केस दर्ज की गई थी.
जांच-पड़ताल में पता चल है कि टेंडर घोटाले में मुमुक्ष कुमार चौधरी का ठेकेदार रिशुश्री से गहरा गठजोड़ था. टेंडर देने के एवज में ये रिशुश्री के अहसानों के बोझ तले दबे थे। इन्होंने बड़े पैमाने पर अनियमितता कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया। एसवीयू की जांच में पता चला है कि गिरफ्त में आये पदाधिकारियों ने रिशुश्री के साथ आपराधिक षड्यंत्र कर टेंडर और उसकी गोपनीयता को अपने पक्ष में करते हुए सरकारी राशि का गबन किया।
कांड के अनुसंधान में पाया गया कि रिशुश्री ने जल संसाधन विभाग, भवन निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग और बीएमएसआईसीएल आदि में अपनी कंपनियों के पक्ष में ठेके लेने को सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी। एसवीयू ने बताया कि सीतामढ़ी डीआरडीए के तत्कालीन निदेशक मुमुक्षु कुमार चौधरी को रिशु श्री ने सीतामढ़ी नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाया। इसके बाद मुमुक्षु चौधरी के सहयोग से शहरी विकास के परियोजना ठेके को मनमुताबिक कंपनी को मंजूरी दिलाई। मुमुक्षु चौधरी के सहरसा नगर आयुक्त रहने के दौरान भी उनको रिश्वत देकर रिशु श्री ने शहर विकास की परियोजनाएं अपने पक्ष में ली।
मुमुक्षु कुमार चौधरी वर्ष 1999 में बिहार सरकार की सेवा में आए। इन्होंने ग्रामीण विकास, नगर विकास एवं आवास, सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग में काम किया। साथ ही कई जिलों में वरीय उप समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक, नगर आयुक्त और उप नगर आयुक्त के पदों पर भी रहे।