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BIHAR NEWS : भागलपुर में दर्दनाक हादसा! तेज रफ्तार हाइवा 3 घरों पर पलटा, दो मासूम समेत 3 की मौत

भागलपुर में बालू लदा हाइवा टायर फटने के बाद तीन घरों पर पलट गया। हादसे में दो बच्चों और एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 03, 2026, 1:01:40 PM

BIHAR NEWS : भागलपुर में दर्दनाक हादसा! तेज रफ्तार हाइवा 3 घरों पर पलटा, दो मासूम समेत 3 की मौत

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BIHAR NEWS : बिहार के भागलपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार से जा रहा बालू लदा हाइवा अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने तीन कच्चे घरों पर पलट गया। हादसे में दो मासूम बच्चों और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब आठ बजे हाइवा खगड़िया की ओर से नवगछिया की तरफ जा रहा था। वाहन की रफ्तार काफी तेज बताई जा रही है। इसी दौरान अचानक उसका टायर फट गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते बालू से लदा हाइवा सड़क किनारे बने तीन घरों पर पलट गया और कई लोग उसके नीचे दब गए।


इस हादसे में गुड्डू डोम की चार वर्षीय बेटी राधा कुमारी, तीन वर्षीय अंकुश कुमार और भिखारी डोम की 50 वर्षीय पत्नी इंदु देवी की जान चली गई। हादसा इतना भयावह था कि राधा का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। वहीं अंकुश बालू के ढेर में दब गया था, जिसे परिजनों और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।


महिला इंदु देवी हाइवा के नीचे दब गई थीं। उन्हें निकालने के लिए प्रशासन को जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी। लंबे प्रयास के बाद शव को बाहर निकाला गया। हादसे के दौरान कई अन्य लोग भी घायल हुए, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।


मृतका इंदु देवी के पति भिखारी डोम ने बताया कि परिवार सुबह भोजन तैयार कर मजदूरी पर जाने की तैयारी कर रहा था। अचानक तेज धमाके जैसी आवाज आई और कुछ समझ पाते, उससे पहले पूरा घर हाइवा और बालू की चपेट में आ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि पुलिस के साथ एंबुलेंस भी नहीं थी, जिसके कारण शुरुआती राहत कार्य स्थानीय लोगों को ही संभालना पड़ा।


घायल ममता ने बताया कि वह घर में काम कर रही थीं, तभी हाइवा पलट गया और वह भी बालू के नीचे दब गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि कई लोग मलबे और बालू के नीचे फंसे हुए थे। जिन दो मासूम बच्चों की मौत हुई, वे कुछ देर पहले तक उनके साथ खेल रहे थे।


घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन की सहायता से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।


हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को करीब 45 मिनट तक जाम कर दिया। लोगों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।


ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि सड़क का सिंगल लेन होना और तेज रफ्तार भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। प्रशासन लगातार ओवरस्पीडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।