Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर जिले में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली खाद्य सामग्री बेचने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र स्थित फुलवरिया चौक पर पुलिस और टाटा कंपनी की विजलेंस टीम ने संयुक्त छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली 'टाटा नमक' बरामद किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक गोदाम से 3,000 से अधिक नकली पैकेट जब्त किए गए हैं, जिसके बाद स्थानीय दुकानदारों और मिलावटखोरों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
यह पूरी कार्रवाई टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की लीगल सेल को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुई। कंपनी के सर्किल ऑफिसर अंजन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम फुलवरिया चौक पहुँची। टीम ने सबसे पहले ग्राहक बनकर कुछ स्थानीय दुकानों की जांच की। जब दुकानों पर बिक रहे नमक के पैकेटों की बारीकी से जांच की गई, तो उनके नकली होने की पुष्टि हुई। पैकेट की पैकिंग और उस पर छपी ब्रांडिंग असली टाटा नमक से हूबहू मिलती-जुलती थी, जिसे आम आदमी के लिए पहचानना नामुमकिन था।
बाजार में नकली नमक की पुष्टि होने के तुरंत बाद राजेपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार और मुन्ना यादव को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस बल के सहयोग से टीम ने जगरनाथ चौधरी के गोदाम पर धावा बोला। तलाशी के दौरान पुलिस की आंखें फटी रह गईं; वहां हजारों की संख्या में टाटा नमक के रैपर और तैयार पैकेट रखे हुए थे। पुलिस ने मौके से 3 हजार से अधिक पैकेट जब्त किए और गोदाम को सील कर दिया।
टाटा कंपनी के अधिकारी अंजन कुमार ने बताया कि यह गिरोह घटिया और साधारण नमक को ब्रांडेड पैकेट में भरकर ऊंचे दामों पर बेच रहा था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "नकली नमक का सेवन जनता की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है। इसमें आयोडीन की मात्रा और शुद्धता का कोई मानक नहीं होता, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।"
राजेपुर पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी और गोदाम मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नकली नमक कहां से बनकर आता था और इसकी सप्लाई चेन कहां-कहां फैली हुई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में खाद्य सामग्री में मिलावट करने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।





