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बिहार में लोन के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, गिरोह के कई सदस्य गिरफ्तार

बिहार में लोग साइबर अपराधियों से ज्यादा परेशान हैं। जामताड़ा स्टाइल में ये लोगों को ठगने का काम रहे हैं। लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए ये रोज नये-नये तरीके इजाद कर रहे हैं। ठगों ने भारतीय स्टेट बैंक के ऐप YONO को भी नहीं छोड़ा।

Bihar
साइबर अपराधियों से सावधान
© REPOTER
Jitendra Vidyarthi
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PATNA: बिहार में साइबर फ्रॉड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिसे रोक पाना पुलिस के लिए भी एक चैलेंज बना हुआ है। इसे लेकर आए दिन कई केसेज साइबर थाने में दर्ज हो रही है। इसी कड़ी में एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें लोन के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी कर ली गई। इस मामले के खुलासे ने लोगों को भी हैरान कर दिया है।


मिली जानकारी के अनुसार, ठग पहले पर्चा छपवाते थे जिसमें टोल फ्री नंबर दिया रहता था। लोग इस नंबर पर कॉल करते और कॉल रिसीव करने वाला बैंक मैनेजर बनकर बातचीत करता था। इसके जरिये लोगों से विभिन्न जानकारियां लेकर उन्हें धोखाधड़ी किया जाता था। अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसा करके साइबर अपराधी करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। 


यह ठगी का नया तरीका है। SBI बैंक का एप YONO के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर पर्सनल लोन का झांसा दिया जा रहा था। ऑनलाइन विज्ञापन में फर्जी मोबाइल नंबर दिया जाता था। जब कोई व्यक्ति इस नंबर पर कॉल करता या संपर्क करता तो व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा जाता था। इस लिंक के माध्यम से सभी जरूरी व्यक्तिगत जानकारियां ली जाती थीं और फिर साइबर ठगी की जाती थी।


पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पटना साइबर थाना ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनके कब्जे से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 एटीएम कार्ड और लगभग 4500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।


साइबर ठगी के इस मामले ने फिर एक बार लोगों को सावधानी बरतने की सीख दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी फर्जी कॉल, लिंक, फोटो या वेबसाइट से ना खोले और सावधान रहें। अपने व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखें। आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपको कंगाल बना सकता है। 

पटना से सूरज की रिपोर्ट

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रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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