1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 16, 2026, 9:30:45 PM
16 साल की नौकरी में बनाई अकूत संपत्ति - फ़ोटो Google
Bihar EOU raid: बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता (XEN) गोपाल कुमार काले धन और आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोपों में फंस गए हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में उनके कई ठिकानों से नकदी, सोना-चांदी और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।
गोपाल कुमार वर्तमान में झाझा कार्य प्रमंडल (जमुई) में पदस्थापित हैं। 16 साल की सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने अवैध संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है। ईओयू ने उनके बैंक खातों में मौजूद करीब 10 लाख रुपये भी फ्रीज कर दिए हैं।
ईओयू ने शनिवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनके पटना, जमुई और अन्य ठिकानों समेत कुल पांच स्थानों पर छापेमारी की। इनमें पटना का मजिस्ट्रेट कॉलोनी, इंदिरा नगर (कंकड़बाग), राजाबाजार स्थित ससुराल, झाझा स्थित सरकारी कार्यालय और जमुई का किराये का आवास शामिल है।
छापेमारी के दौरान करीब 48 लाख रुपये नकद, 424.08 ग्राम सोने के आभूषण (कीमत लगभग 60.47 लाख रुपये) और लगभग 1 किलो चांदी बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि इंजीनियर ने जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। पटना के कंकड़बाग में पैतृक मकान, मजिस्ट्रेट कॉलोनी में फ्लैट और ज्योतिपुरम स्थित अपार्टमेंट में एक अन्य फ्लैट की जानकारी मिली है।
सगुना मोड़ स्थित जेबी मॉल में दो दुकानों का भी पता चला है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा दानापुर में जमीन और निर्माणाधीन भवन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। दानापुर के लक्ष्मी कॉटेज में एक चार बेडरूम फ्लैट के लिए 80 लाख रुपये नकद भुगतान के प्रमाण भी मिले हैं।
ईओयू को मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित फ्लैट से करीब 40 लाख रुपये और जमुई आवास से लगभग 8 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा तीन बैंक खातों में लगभग 10 लाख रुपये जमा पाए गए, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है। छापेमारी के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े कई सरकारी दस्तावेज और फाइलें भी बरामद हुई हैं।
गोपाल कुमार 2008 में सरकारी सेवा में शामिल हुए थे और 2022 में कार्यपालक अभियंता बने। जांच में प्रारंभिक रूप से यह पाया गया है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से लगभग 2.61 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से करीब 81.5 प्रतिशत अधिक है। ईओयू अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आगे और संपत्तियों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।